
आज Sonia Gandhi करेंगी Parliament Strategic Group बैठक की अध्यक्षता, संसदीय सत्र पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर मंगलवार को संसदीय रणनीति समूह (पीएसजी) की बैठक हुई। इसमें मानसून सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति तय करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पश्चिम बंगाल से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया को बताया कि मानसून सत्र से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।
विपक्षी दलों के साथ तालमेल पर जोर
इन मुद्दों पर विपक्षी दलों के साथ तालमेल बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रतिपक्ष के नेता पद के सवाल पर उन्होंने कहा कि बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में एक राष्ट्र, एक चुनाव, तीन तलाक के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर पार्टी के आगामी रुख पर हुई। कांग्रेस इस सत्र का उपयोग समान विचारधारा वाले दलों के साथ समान एजेंडों का खाका तैयार करने के लिए भी करेगी।
बड़ी जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। हालांकि लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद पाने के लिए उसके पास दो सीटें कम हैं। इसके बावजूद लोकसभा में कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। इसलिए पार्टी पर संसद के निचले सदन में मजबूत विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की बड़ी जिम्मेदारी है।
अभी तक नहीं हो पाया संसदीय दल के नेता का चयन
बता दें कि सोमवार से बजट सत्र शुरू हो गया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी अभी तक लोकसभा में अपने नेता का चयन भी नहीं कर पाई है। लोकसभा में दल के नेता के रूप में किसी का नाम स्पष्ट तौर पर उभरकर नहीं आया है। दूसरी ओर राज्यसभा में पार्टी के नेता और विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद बने रहेंगे। आनंद शर्मा भी पहले की तरह विपक्ष के उप नेता बने रहेंगे।
सोनिया के आवास पर पहुंचे वरिष्ठ नेता
बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह (सीपीपी) की बैठक में शामिल होने के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी के नेता एके एंटनी, जयराम रमेश, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, पी चिदंबरम, अधीर रंजन चौधरी और के सुरेश पहुंचेे गए थे।
संसदीय प्रक्रियाओं का हो पालन
अध्यादेश की संस्कृति को समाप्त कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने बैठक में चर्चा के लिए शामिल मुद्दों को लेकर हाल ही में संकेत दिया था। उन्होंने बताया था कि मोदी सरकार को आध्यादेश की संस्कृति को समाप्त करना चाहिए। सरकार को संसदीय प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण बिलों को सदन में चर्चा करने से पहले संसदीय समिति के पास विचार के लिए भेजने की जरूरत है।
उन्होंने ये भी कहा था कि लोकसभा में पार्टी नेता का चयन करने का अधिकार सोनिया गांधी के पास है। लेकिन इस मुद्दे पर आज की बैठक में चर्चा संभव है। इसके साथ ही पूर्ण बजट और ट्रिपल तलाक जैसे बिलों पर भी चर्चा संभव है।
Updated on:
18 Jun 2019 01:09 pm
Published on:
18 Jun 2019 11:38 am
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