
Subramanian Swamy
नई दिल्ली। केरल के सबरीमला मंदिर मामले पर सियासत उफान पर हैं। अब इस मामले में शिवसेना भी कूद पड़ी है। शिवसेना की केरल इकाई ने शनिवार को चेतावनी दी कि प्रदेश के सबरीमला मंदिर में अगर 10 से 50 साल तक की स्त्रियोंं को प्रवेश दिलाया जाएगा तो उनके सदस्य सामूहिक आत्महत्या करेंगे। शिवसेना ने चेतावनी देते हुए कहा है कि 50 से अधिक कार्यकर्ता त्याग के लिए तैयार हैं। शिवसेना के इस फैसले पर रविवार को राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आलोचना करते हुए हमला बोला। शिवसेना के सामूहिक आत्महत्या के फैसले पर सुब्रमण्यम स्वामी ने उनकी राय मांगी गई तो उन्होंने कहा कि कौन सी शिवसेना की बात कर रहे हों। केरल में असली शिवसेना नहीं है। उन्हें आत्मदाह करने दीजिए। हम कुछ लोगों की खुदकुशी की धमकी के कारण कानून के नियमों को नहीं बदल सकते हैं। हम किसी को मंदिर में जबरदस्ती जाने से नहीं रोक सकते हैं। अगर आप आत्मदाह करने चाहते हैं तो करें। आप होते कौन हैं स्त्रियों को यह सब कहने वाले।
फैसले का विरोध जारी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। रविवार को भी चेन्नई में भारी संख्या में लोगों ने इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर पुनर्विचार करे और पहले की स्थिति को बहाल करे। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की बेंच ने सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी। हालांकि बेंच में शामिल एकमात्र महिला न्यायाधीश इंदू मल्होत्रा ने बेंच के फैसले से असहमति जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि यह आस्था और परंपरा का सवाल है इसलिए अदालत को इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में 10 से 50 आयुवर्ग की सभी महिलाओं को प्रवेश की इजाजत दी थी।
Published on:
14 Oct 2018 03:03 pm
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