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प्रणव मुखर्जी के संघ कार्यक्रम में जाने के बाद लाल बहादुर शास्त्री के बेटे ने पीएम मोदी को बताया पिता जैसा

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे और भाजपा नेता सुनील शास्त्री ने जमकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शान में कसीदे काढ़े हैं।

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प्रणव मुखर्जी son of lal vahadur shastri sunil shastri told pm modi is like my father prime minister narendra modi

प्रणव मुखर्जी के संघ कार्यक्रम में जाने के बाद लाल बहादुर शास्त्री के बेटे ने पीएम मोदी को बताया पिता जैसा

नई दिल्‍ली : अभी हाल ही में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के एक कार्यक्रम में वरिष्‍ठ पूर्व कांग्रेसी नेता व कांग्रेस के समर्थन से राष्‍ट्रपति बने प्रणव मुखर्जी के जाने से कांग्रेस में मची खलबली अभी समाप्‍त भी नहीं हुई थी कि अब पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे और भाजपा नेता सुनील शास्त्री ने जम कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शान में कसीदे काढ़े हैं। इससे कांग्रेस सकते में आ गई है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिल्कुल मेरे पिता की तरह काम कर रहे हैं। वे दुनिया भर में देश का सम्‍मान बढ़ा रहे हैं। वह व्यापक विकास योजनाओं के जरिये सबका साथ सबका विकास कर रहे हैं।

कहा, मोदी का विकल्‍प नहीं
सुनील शास्त्री ने यह भी कहा कि भारतीय राजनीति में आज पीएम मोदी का कोई विकल्प नहीं है और 2019 में बीजेपी रिकॉर्ड सीटों के साथ सत्ता में लौटेगी।

कौन हैं सुनील शास्‍त्री
बता दें कि सुनील शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित होकर अब भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। इससे पहले वह कांग्रेस पार्टी के अहम नेता थे। वह कांग्रेस की उत्तर प्रदेश सरकार में लंबे समय तक मंत्री पद संभाल चुके हैं। वह अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्‍व काल में भाजपा की केन्द्रीय कार्यकारिणी में राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं। सुनील शास्त्री एक राजनेता के अलावा कवि और लेखक भी हैं। उन्होंने अपने पिता के जीवन पर आधारित एक पुस्तक हिन्दी में लिखी है जिसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हो चुका है।

बता दें कि लाल बहादुर शास्‍त्री स्‍वतंत्रता सेनानी थे और वह महात्‍मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू समेत आजादी के समय के कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ काम कर चुके हैं और वह भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। रूस दौरे में उनके प्रधानमंत्रित्‍व काल में ही अचानक निधन हो गया था।