
VIDEO: कोयला खदान में फंसे मजदूर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, रेस्क्यू ऑफरेशन से संतुष्ट नहीं है कोर्ट
नई दिल्ली। इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग को निर्देश दिए जाएं कि वो ईवीएम से वोट मिलान के लिए वीवीपैट की मौजूदा 10 फीसदी संख्या को बढ़ाकर 30 फीसदी करे। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस याचिका के संबंध में केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।
इस साल केंद्र की राजग सरकार अपने पांच वर्ष पूरे कर रही है। इसके चलते लोकसभा चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। मई से पहले चुनाव की पूरी संभावना है। चुनाव आयोग इसकी पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। जबकि पिछले लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगे तो वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल किया गया।
कुछ मतदान केंद्रों पर ही इस्तेमाल किए गए वीवीपैट के इस्तेमाल के बाद विभिन्न दलों ने इसकी संख्या बढ़ाने की मांग की थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई, जिसमें मांग की गई कि 2019 आम चुनाव में ईवीएम से जुड़ी वीवीपैट की मौजूदा संख्या 10 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी कर दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इसकी सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से प्रतिक्रिया मांगी है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष 23 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि निर्वाचन आयोग 100 फीसदी वीवीपैट मशीन के इस्तेमाल के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि निर्वाचन आयोग ने 17.5 लाख वीवीपैट मशीनों का ऑर्डर दिया था और इसे 10 लाख मशीनें मिल चुकी हैं। बाकी बची मशीनें नवंबर तक मिल जाएंगी और आयोग 100 फीसदी वीवीपैट के इस्तेमाल के लिए तैयार है।
रावत ने यह भी कहा था, "आमतौर पर निर्वाचन आयोग 14 महीने पहले ही तैयारी शुरू कर देता है। इसलिए हमनें फरवरी 2018 से ही 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं।"
जानिए क्या है वीवीपैट
Updated on:
08 Jan 2019 08:18 am
Published on:
07 Jan 2019 12:46 pm
