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Jaipur: मानेसर ‘फाइल’ फिर खुली, पूर्व सीएम अशोक गहलोत के इस बयान से कांग्रेस में सियासी भूचाल

Rajasthan Politics: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में जब भी सियासी हलचल थमती नजर आती है, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र कर माहौल गरमा देते हैं। मानेसर गए विधायकों की याद दिलाते हुए वे अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के साथ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधते हैं।
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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

•

Updated: 15 Apr 2026, 8:28 AM IST

पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पत्रिका फाइल फोटो

पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan Politics: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में जब भी सियासी हलचल थमती नजर आती है, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र कर माहौल गरमा देते हैं। मानेसर गए विधायकों की याद दिलाते हुए वे अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के साथ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत के इन बयानों से कांग्रेस में गुटबाजी फिर उभर सकती है।

दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई की स्मृति में आयोजित प्रार्थना सभा में जाने से पहले गहलोत ने नागौर जिले के डीडवाना में मंगलवार को यह बयान देकर पुराने जख्म कुरेद दिए, जिसके प्रदेश कांग्रेस में अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

बिना नाम लिए भाजपा और पायलट खेमे पर निशाना

गहलोत ने 2020 के संकट को याद करते हुए बिना नाम लिए भाजपा और पायलट खेमे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी सरकार को गिराने के लिए पार्टी के विधायकों को भड़काकर मानेसर ले जाया गया। यह पूरा संकट भाजपा के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व की देन था, जिसका खामियाजा उनकी सरकार को 34 दिनों तक होटलों में रहकर भुगतना पड़ा।

आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कहते हैं कि हमारी सरकार होटलों से चली। यह तो उनके कृत्यों के कारण होटलों की सरकार थी। उन्होंने भाजपा की लीडरशिप पर सरकार गिराने के लिए पैसे खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने करोड़ों रुपए खर्च किए।

अन्य राज्यों में गिरीं, राजस्थान में बच गई थी सरकार

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए गहलोत ने कहा कि वहां सरकारें गिर गईं, लेकिन राजस्थान एकमात्र राज्य था जहां उनकी सरकार बची रही। उन्होंने इस दौरान चेतन डूडी सहित कुछ विधायकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ से ही सरकार को बचाया जा सका।

2020 का जख्म फिर हरा

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा पर सरकार गिराने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थानमें वर्ष 2020 में खड़ा हुआ सियासी संकट भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की देन था। जिसका खामियाजा उनकी सरकार को 34 दिनों तक होटलों में रहकर भुगतना पड़ा। कोरोनाकाल में जहां प्रदेश की जनता कोरोना महामारी से जूझ रही थी वहीं भाजपा के कारण सियासी संकट खड़ा होने से सरकार बचाना भी बड़ी चुनौती था। सरकार बचाने में कुछ विधायकों की अहम भूमिका रही।

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