Modi Governent ने अप्रसांगिक हो चुके 1500 कानूनों को खत्म किया सम्मेलन का शुभारंभ करने के लिए पीएम का जताया आभार न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने पर दिया बल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) के न्यायाधीश अरूण मिश्रा ( Justice Arun Mishra ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन 2020‘न्यायपालिका और बदलती दुनियाश् के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने पीएम को इंटरनेशनल लेवल का ऐसा नेता बताया जिनकी सोच ग्लोबल लेवल की है। पीएम की सोच ग्लोबल ( Global Thinking ) है लेकिन काम स्थानीय हितों के हिसाब से करते हैं।
न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने देश में अप्रचलित हो चुके 1500 से ज्यादा कानूनों को खत्म करने के लिए मोदी और केंद्रीय विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद की तारीफ की। शीर्ष अदालत के न्यायाधीश ने बताया कि जिन कानूनों को समाप्त किया गया है उनकी उपयोगिता समाप्त हो चुकी थी। उक्त कानूनी की वजह से लालफीताशाही ( Red Tapism ) को समाप्त करना मुमकिन नहीं हो पा रहा था। इन कानूनी की समाप्ति से लोगों को नौकरशाही की जटिलताओं से राहत मिली है।
न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने सम्मेलन के शुभारंभ के लिए पीएम मोदी का आभार जताया। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि मोदी की अगुवाई में भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय ( International Community ) का जिम्मेदार और सबसे अनुकूल सदस्य है। उन्होंने कहा कि गरिमापूर्ण मानव अस्तित्व हमारी अहम चिंता है। हम ग्लोबल लेवल की सोच रखकर अपने यहां काम करने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी नरेंद्र मोदी का उनके प्रेरक भाषण के लिए शुक्रिया अदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम के संबोधन विचार-विमर्श की शुरूआत के साथ सम्मेलन का एजेंडा तय करने में अहम भूमिका निभाऐंगे। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोगों को हैरानी होती है कि यह लोकतंत्र कैसे इतनी कामयाबी से काम करता है। हमारा लोकतंत्र बहुलवादी संस्कृति और विविधताओं के साथ तालमेल बनाकर चलने वाला है।
अरुण मिश्रा ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण का संरक्षण हमारी सवोच्च प्राथमिकताओं में से एक होनी चाहिए। उन्होंने देश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अब हम 21वीं सदी में हैं। हम केवल आज ही नहीं भविष्य के लिए मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी देख रहे हैं।