
तलाक के मुद्दे पर अकेले पड़े तेजप्रताप, लालू परिवार के खलनायक बने राबड़ी देवी के भतीजे
नई दिल्ली। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के घर में तलाक के मुद्दे पर मचा कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे पर तेजप्रताप यादव अपने बीमार पिता के आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी तरफ अब ये बातें भी खुलकर सामने आने लगी हैं कि लालू के घर में कोहराम के पीछे खलनायक की भूमिका निभाने वाले और कोई नहीं बल्कि राबड़ी देवी के भतीजे ओम प्रकाश यादव उर्फ भुट्टू हैं। नीतीश सरकार में जब तेजप्रताप स्वास्थ्य मंत्री थे उस समय भुट्टू उनके सबसे करीब हुआ करते थे। ओम प्रकाश उनके पर्सनल असिस्टेंट हुआ करते थे। रिश्ते में ममेरे भाई होने के नाते ओम प्रकाश-तेज प्रताप एक-दूसरे के बेहद करीबी थे और एक-दूसरे पर आंख मूंदकर भरोसा भी करते थे।
लालू परिवार के तीन खलनायक
इस बीच हालात यह है कि घर के मुखिया लालू यादव जेल में बंद हैं और बीमारी से लड़ रहे हैं वहीं उनका परिवार घरेलू कलह और झगड़े से परेशान हैं। पिछले चार महीने से चल रहा यह झगड़ा दो दिन पहले उस वक्त और बढ़ गया जब परिवार के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय को शादी के छह महीने बाद ही तलाक देने का फैसला ले लिया। इस फैसले ने न सिर्फ लालू परिवार को हिलाकर रख दिया बल्कि चंद्रिका राय के परिवार के पैरों तले से जमीन खिसका दी है। घर में जारी झगड़ा निकलकर जब बाहर आया तो इस मामले में खलनायक बने तीन शख्स जिनके नाम ओमप्रकाश, विपिन और नागमणि हैं। इन तीन में से दो नाम लालू के परिवार के निकटतम हैं और वह हमेशा राबड़ी-तेजप्रताप के साथ साया बनकर रहते हैं। तेजप्रताप ने बेहिचक इन तीनों का नाम लेते हुए कहा कि साहब और मैडम यानि मेरे माता-पिता मेरी बातों से ज्यादा ओमप्रकाश और नागमणि की बातों को मानते थे। ये पूछे जाने पर कि ये ओमप्रकाश और नागमणि हैं कौन तो तेजप्रताप ने कहा कि दोनों मेरे मामा जो कि सेलारकला में रहते थे और अब इस दुनिया में नहीं हैं के बेटे हैं। दोनों ने मेरे माता-पिता के साथ ही भाई को भी विश्वास में लिया और ये सारा खेल रचा है। तेजप्रताप ने भावुक होते हुए कहा था कि मुझे मेरे ही परिवार में किसी के कहने पर मोहरे की तरह यूज किया गया।
तेजस्वी के सबसे बड़े गुनहगार बने ओम प्रकाश
ओम प्रकाश की कोई भी बात तेज प्रताप नहीं टालते थे, लेकिन आज तेजस्वी के सामने वही ओमप्रकाश सबसे बड़े गुनाहगार बन गए हैं। वहीं ओमप्रकाश के भाई बताए जा रहे नागमणि लंबे समय से तेजप्रताप की मां राबड़ी देवी का काम देख रहे हैं। वो ओम प्रकाश यादव के बड़े भाई हैं और राबड़ी देवी के भतीजे भी। आपको बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब लालू परिवार को अपने रिश्तेदारों के कारण फजीहत झेलनी पड़ी है। इससे पहले लालू प्रसाद अपने शासनकाल में सालों को लेकर विरोधियों के निशाने पर हुआ करते थे। कुछ मौकों में विवाद आने के बाद लालू ने अपने चहेते सालों के लिए घर के दरवाजे हमेशा के लिए बंद करवा दिए थे। लालू प्रसाद ने अपने ***** प्रभुनाथ, साधु और सुभाष यादव के आने-जाने पर पाबंदी लगाई थी। पिछले एक दशक से लालू प्रसाद यादव की अपने तीनों सालों से बातचीत पूरी तरह बंद थी। दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव इतना बढ़ गया था कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ अनाप शनाप बयान देते रहते थे। लालू की 15 साल की सरकार के दौरान राबड़ी के भाइयों पर तरह-तरह के संगीन आरोप लगे थे जिसका अभी तक उनके तीनों भाई खंडन करते रहे हैं।
Published on:
05 Nov 2018 08:12 am
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