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48 Years of Emergency: आपातकाल के दौरान जेल में बंद वह 4 नेता, जो बने देश के प्रधानमंत्री

48 Years of Emergency: इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए 25 जून 1975 को अनुच्छेद 352 के तहत देश में आपातकाल लगा दिया। इसके तहत देश के कई बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। इन नेताओं में 4 नेता ऐसे भी थे, जो आगे चलकर देश प्रधानमंत्री बने।

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12 जून, 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इन्दिरा गांधी के निर्वाचन को चुनावी धांधली के कारण शून्य घोषित कर दिया। जिसके बाद प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने अपने बेटे संजय गांधी और बंगाल के मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर रे के सलाह पर 25 जून 1975 को संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत देश में आंतरिक आपातकाल लगा दिया। इस आपातकाल के दौरान देश में विपक्ष के कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। इन नेताओं में इंदिरा गांधी ने ऐसे 4 नेताओं को भी गिरफ्तार किया जो आगे देश के प्रधानमंत्री बने।

मोरारजी देसाई बने पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री
आपातकाल के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के बड़े नेता और उनसे अलग रुख रखने वाले मोरारजी देसाई को जेल में बंद कर दिया। इसके बाद जब देश में चुनाव हुए तो सभी विपक्षी दलों ने एक साथ मिलकर देसाई के लीडरशिप में चुनाव लड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस को 30 साल बाद देश की सत्ता से बाहर होना पड़ा और देश में पहली बार मोरारजी देसाई के नेतृत्व में गैर कांग्रेसी सरकार बनीं। हालांकि ये सरकार अपने आंतरिक कलह से ही दो साल में गिर गई।

इंदिरा के समर्थन से चौधरी चरण सिंह बनें प्रधानमंत्री
आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले दूसरे बड़े नेता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह थे। अपने आंतरिक कलह से जूझ मोरारजी देसाई की सरकार जब गिर गई। उसके बाद उन्हीं के कैबिनेट में गृहमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह ने इंदिरा गांधी के समर्थन से 28 जुलाई 1979 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन उनकी भी सरकार ज्यादा दिन टिक नहीं पाई और कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद उन्होंने 14 जनवरी 1980 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

कभी कैबिनेट मंत्री न बनने वाले चंद्रशेखर बने प्रधानमंत्री
1980 में चरण सिंह की सरकार जाने के बाद देश में फिर से आम चुनाव हुए। इस चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापस आई और देश पर करीब 10 साल तक राज किया। इस दौरान देश में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और राजीव गांधी पर बोफोर्स का आरोप लगाने वाले विश्वनाथ प्रताप सिंह प्रधानमंत्री बने। लेकिन 1980 में जनसंघ के समर्थन वापस लेने के कारण उनकी सरकार गिरी। तब विपक्ष के नेता और कांग्रेस के अध्यक्ष राजीव गांधी के समर्थन से कभी कैबिनेट मंत्री न बनने वाले यूपी के बलिया से आने वाले चंद्रशेखर देश के प्रधानमंत्री बने। इनको भी इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान जेल में डाल दिया था।

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अटल बिहारी वाजपेयी ने बने प्रधानमंत्री
आपातकाल के दौरान जिस नेता को सबसे लंबे समय तक जेल में रखा गया वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य अटल बिहारी वाजपेयी थे। आपातकाल के दौरान वह सबसे फेमस चेहरे रहे। 1975 के बाद देश में जितनी भी गैर कांग्रेसी सरकार बनी। बाजपेयी उनमें मंत्री जरुर बने।

वाजपेयी ने पहली बार 1996 में 13 दिन की सरकार चलाई। उसके बाद वह 19 मार्च 1998 से 12 अक्टूबर 1999 तक देश के प्रधानमंत्री बने। लेकिन जयललिता के समर्थन वापस लेने के कारण उनकी सरकार गिर गई और फिर 1999 में उनके नेतृत्व में NDA ने पूर्ण बहुमत पाया। देश में पहली बार किसी गैर कांग्रेसी सरकार ने अपना पहला कार्यकाल पूरा किया। इसके साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी के नाम के साथ सबसे ज्यादा 3 बार गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बन गया, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया।