
#MeToo पर मोदी के मंत्री का विवादित बयान- ये गलत है, अगर पुरुषों ने भी मुंह खोला तो फिर क्या होगा?
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पोन राधाकृष्णन ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के खुलासे को लेकर चल रही मुहिम #MeToo को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने इसे विकृत मानसिकता वाले लोगों की तरफ से चली मुहिम करार दिया। उल्लेखनीय है कि करीब 20 महिलाओं की तरफ से लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के चलते विदेश राज्यमंत्री पद से वरिष्ठ नेता एमजे अकबर को इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले के चलते मोदी सरकार पहले से मुश्किलों का सामना कर रही है। ऐसे में एक और केंद्रीय मंत्री का शर्मनाक बयान चुनाव से पहले नई मुसीबतें खड़ी कर सकता है।
...ये है केंद्रीय मंत्री का पूरा विवादित बयान
केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'यह कुछ विकृत मानसिकता वाले लोगों की करतूतों का नतीजा है। इस मुहिम ने भारत की पवित्र भूमि को खराब किया है। इस मुद्दे ने महिलाओं के सम्मान को भ्रष्ट किया है।' उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुरुषों ने भी ऐसी ही बातें कहनी शुरू कर दी तो फिर क्या होगा? क्या यह स्वीकार्य होगा? यह गलत है। आगे उन्होंने कहा, 'सालों पहले हुई घटनाओं पर अब आरोप लगाना कहां तक उचित है? यदि कोई आरोप लगाता है कि जब घटना हुई उस वक्त हम पांचवीं कक्षा में एक साथ खेल रहे थे तो क्या यह उचित होगा?'
...तमाम दिग्गज हैं #MeToo के शिकंजे में
गौरतलब है कि महिलाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों की सूची में अब तक लेखक, पत्रकार, अभिनेता, संगीतकार, गायक से लेकर केंद्रीय मंत्री तक के नाम शामिल हो गए हैं। इस फेहरिस्त में एमजे अकबर के अलावा दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, आलोक नाथ, कैलास खेर, साजिद खान समेत कई दिग्गजों के नाम सामने आ चुके हैं। आरोप लगाने वाली महिलाओं में अभिनेत्रियां, निर्माताओं-निर्देशकों और पत्रकारों के भी नाम हैं।
Published on:
18 Oct 2018 06:29 pm
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