खरगोन/बरुड़. बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों की बर्बादी के साथ किसानों के सपने भी धारायायी हुए है। शनिवार शाम और रात में कई इलाकों में तेज हवा-आंधी के साथ बारिश हुई। जिससे खेतों में बर्बादी नजर आई। हवा-आंधी और बारिश से गेहूं, चना और मक्का फसल को जमींदोज कर दिया। कुछ स्थानों पर गेहूं की बालियां टूट कर मिट्टी में धंस गई।
यह नजारा सुबह जब किसानों ने देखा तो उनकी आंखे भर गई। सोमवार को जिला कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा सहित राजस्व अमला बरुड़ पहुंचा। जहां अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर मौका मुआयना किया। साथ ही किसानों से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि शनिवार को झिरन्या तहसील के पहाड़ी गांव काकोड़ा में एक घंटे तक अधिक समय तक ओलावृष्टि हुई थी। जिससे जमीन पर बर्फ की मोटी परत जम गई थी। डोंगरचिचली में भी फसलों को नुकसान हुआ है।
दानों की चमक होगी खराब
रबी फसलों की कटाई का दौर युद्ध स्तर पर चल रहा था। इस पर बेमौसम बारिश कहर बनकर टूटी है। खेतों में कटी फसलें पानी में डूब गई। वहीं खड़ी फसल में दानों की चमक खराब होने की आशंका है। हालांकि नुकसानी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। एक सप्ताह में खरगोन, भगवानपुरा, झिरन्या, धूलकोट, काटकूट, करही आदि क्षेत्रों में बारिश और ओले गिरने से लगभग 25 से 30 गांवों में नुकसान हुआ है। वास्तविक रिपोर्ट आना बाकी है।
किसानों से की चर्चा, दान निकाल कर देखा
कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने लतीपुरा के किसान जगदीश कुमरावत के खेत में कटे गेंहू की फसल की बाली हाथों में लेकर मसलकर दाने निकालकर देखें। यहां मौजूद ग्रामीणों से उन्होंने नुकसान होने की जानकारी ली। किसान द्वारा बताया गया कि कई खेतों में गेहूं निकल चुका हैं। बडय़ा गांव के अर्जुन जमरे के खेत में मक्का की फसल जमींदोज हो चुकी थी।
यहां हुई बारिश
खरगोन 8 मिमी, गोगावां 4 मिमी, सेगांव, 9 मिमी, भगवानपुरा 8 मिमी, झिरन्या 4.4 मिमी, बड़वाह में 1.5 मिमी
नुकसानी के संबंध में रिपोर्ट मंागी है। बरुड़ क्षेत्र में दौरा कर किसानों से चर्चा की गई। प्रारंभिक आकलन में बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। क्योंंकि अधिकांश किसानों द्वारा फसल की कटाई की जा चुकी है। शिवराजसिंह वर्मा, कलेक्टर