नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने एक कार्यक्रम में कहा कि पीएम मोदी के योजनाओं के अनुरूप समावेशी और मजबूत नए भारत का निर्माण तभी संभव है जब लोग जेंडर असमानता को दूर करने के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा काम है जिसे केवल सरकारी प्रयासों से दूर करना संभव नहीं है। सरकार की योजनाओं को लोगों का साथ मिल जाए तो इसे बहुत कम समय में दूर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की साक्षरता और जेंडर अंतराल पर अधिक तेजी से ध्यान देने की आवश्यकता है। हम एक समावेशी नए भारत की कल्पना कर रहे हैं। इसे प्राप्त करने के लिए, हमें यह समझना होगा कि 16.3% का लगातार जेंडर अंतर है। इस अंतराल को खत्म किए बगैर हम एक बेहतर समाज के दिशा में आगे नहीं बढ़ सकते।