12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जाकिर नाईक के पिता का निधन, डर के मारे नहीं पहुंचे कंधा देने

जाकिर नाइक का एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में है

less than 1 minute read
Google source verification

image

Amanpreet Kaur

Oct 31, 2016

Zakir Naik

Zakir Naik

मुंबई। विवादित इस्लामी प्रचारक जाकिर नाईक के पिता अब्दुल करीब नाईक का रविवार तड़के निधन हो गया। मुंबई स्थित आवास पर दिल का दौरा पडऩे से उनकी मृत्यु हुई। वे 87 वर्ष के थे और पेशे से फिजिशियन और शिक्षाविद थे।

जाकिर के एक सहयोगी ने बताया - मझगांव स्थित अपने आवास पर तड़के 3.30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह उससे उबर नहीं सके। अब्दुल पिछले कुछ समय से बीमार थे। इसी इलाके के एक कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। तटीय महाराष्ट्र के रत्नागिरी में जन्मे अब्दुल पेशे से डॉक्टर थे। मानसिक स्थास्थ्य पेशेवरों की निजी संगठन बॉम्बे साइकिऐट्रिक सोसायटी के वह 1994-95 में अध्यक्ष भी रहे।

पिता के निधन के बाद जाकिर नाईक उन्हें कंधा देने भी नहीं पहुंचे। पिता के अंतिम संस्कार में शरीक न होने के बार में जब जाकिर नाईक के सहयोगी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जाकिर शरीक होन पाने में सक्षम नहीं थे। वे जल्द ही यहां आकर अपने पिता को श्रद्धांजलि देंगे। हालांकि माना यह जा रहा है कि जाकिर नाईक को इस बात का डर था कि कहीं भारतीय पुलिस उन्हें गिरफ्तार न कर ले, इस वजह से वे पिता की अर्थी को कंधा देने नहीं पहुंचे।

बीते जुलाई महीने में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हमला करने वाले कुछ आतंकवादियों के कथित तौर पर जाकिर के उपदेशों से प्रेरित होने की खबरें सामने आने से पैदा हुए विवाद के वक्त जाकिर विदेश में थे और उसके बाद से ही वह भारत नहीं आए हैं। जाकिर पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए जल्द भारत आ सकते हैं। जाकिर नाइक का एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में है। इस एनजीओ को जल्द ही आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंधित किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

image