–विभिन्न संस्कार के साथ हुआ सम्पन्न
प्रतापगढ़.
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा शान्तिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में देवगढ़ गांव के विवेकानंद माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में चल रहे तीन दिवसीय 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का गुरुवार को पूर्णाहुति व संस्कार के साथ समापन हुआ।
24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति पर प्रधान अमरीदेवी मीणा दम्पती ने यझ कर गुरु-दीक्षा ली। गायत्री परिवार से जुडऩे पर हर्ष व्यक्त किया। कार्यक्रम के अन्तिम दिन क्षेत्र के कई जन प्रतिनिधि समेत गणमान्य नागरिक भी यज्ञ में भाग लेने पहुंचे। गुरुवार को लोगों में उत्साह व श्रद्धा चरम पर रही। यज्ञ के साथ 35 नए लोगों ने गुरु दीक्षा ली। पांच गर्भवती बहिनों का गर्भपूजन कर पुंसवन संस्कार कराया गया। 40 बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार कराया गया एवं एक बच्चे का नामकरण संस्कार किया गया।
इससे पहले बुधवार को जिला प्रमुख इन्द्रादेवी मीणा भी यज्ञ में सम्मिलित हुई। मंच से गायत्री मन्त्र उच्चारण के साथ अपनी बात शुरू करते हुए क्षेत्र में इस तरह का आयोजन करने के लिए गायत्री परिवार का आभार प्रकट किया।
शान्तिकुंज हरिद्वार के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्याम सुन्दर शर्मा ने यज्ञ की महिमा बताते हुए देवपूजन, सन्गतिकरण और दान को आवश्यक बताया। देवपूजन से आशय सिर्फ मूर्ति पूजा नही बल्कि बड़े.बुजुर्गों, विद्वानों का सम्मान करना, संगतिकरण अर्थात जात-पात से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता का भाव रखते हुए सबका सम्मान करना और दान का मतलब जो समाज के वंचित-शोषित और जरूरतमंद लोग है। उनके बीच जाकर उनके उत्थान के लिए अपनी प्रतिभा और पैसे का नियोजन करना है। यही वास्तविक यज्ञ है, सिर्फ अग्निहोत्र कर लेना मात्र ही यज्ञ नहीं है। यज्ञ की व्याख्या करते हुए बताया कि सुपात्र संतान पैदा करना भी समाज हित में एक यज्ञ है। वृक्षारोपण करके वातावरण को पवित्र व शुद्ध बनाना भी एक यज्ञ है। समता. ममता फैलाकर दीन. दुखियों के कष्ट निवारण करना भी एक यज्ञ है।
संगीतज्ञ बहादुर सिंह ने जल्दी प्रसन्न होते है भगवान यज्ञ से। इस गीत के माध्यम से सभी को यज्ञीय वातावरण से ओत.प्रोत कर दिया। शान्तिकुंज की टोली सदस्य विजय गुप्ता ने देव पूजन संपन्न करवाया।
कार्यक्रम में सरपंच रामप्रसाद, रामनारायण कसोदनिया, पून्जीलाल मीणा, हेमलता, ओमप्रकाश, प्रेमशंकर, विक्रमसिंह चौहा, हरराम सहित सभी गायत्री परिजनों ने कार्यक्रम में विशेष सहयोग किया।
मानपुरा में कथा का आयोजन
शहर के मानपुरा में भावगत कथा का आयोजन जारी है। यहां उमेश शास्त्री कथा का वाचन कर रहे है। सत्यनारायण भट्ट ने बताया कि यहां कथा का आयोजन हो रहा है। कथा में वामन भगवान का सुन्दर चित्रण बताया। कथा में सुरपणखा का की नाक काटने का प्रसंग सुनाया। वामन की सामर्थता का तन-मन-धन के बार में बताया गया।
इस अवसर पर कथा समिति के भागीरथ कुमावत, गोपाल जानी ने बताया कि मानपुरा व आसपास के श्रद्धालु बडे उत्साह से भाग ले रहे है। यहां कथा की पूर्णाहुति शुक्रवार सुबह 9 बजे होगी।