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बिगड़ा मौसम, भूमिपुत्रों की बढ़ी चिंता

जिले में बारिश के बने आसार, रबी फसलों में खराबे का आशंका

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बिगड़ा मौसम, भूमिपुत्रों की बढ़ी चिंता

बिगड़ा मौसम, भूमिपुत्रों की बढ़ी चिंता


अफीम की फसल में नुकसान को लेकर किसानों में चिंता
खेतों में कटी फसलों में होगा नुकसान

प्रतापगढ़. जिले में हाल ही में मौसम एकाएक पलट गया है। जिले में बादल छाने लगे है। हवा भी तेज हो गई है। इससे बारिश के आसार बन गए है। इसे लेकर रबी पकी और कटी फसलों में नुकसान की आशंका से भूमिपुत्रों में चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही अभी अति संवेनदशील फसल अफीम में लुवाई-चिराई का दौर चल रहा है। बारिश होने पर इसमें अधिक नुकसान होगा। इसे लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गौरतलब है कि जिले में हाल ही में मौसम में एकाएक बदलाव हो गया है। बादल छाने लगे है, मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के अनुसार बारिश के आसार बने हुए है। वहीं दूसरी ओर इन दिनों रबी की फसल की कटाई और थ्रेसङ्क्षरग का दौर भी चल रहा है। सुबह से बादल छाने और हवा तेज होने से बारिश की संभावना से किसान भी ङ्क्षचतित है। मौसम के हिसाब से अति संवेनशील फसल अफीम को लेकर किसानों की ङ्क्षचता बढ़ गई है। पहले किसानों ने जानवरों, पक्षियों से फसल की सुरक्षा पर काफी खर्च किया हुआ है। अब अफम दूध संग्रहण का समय चल रहा है। ऐसे में बारिश होने पर अफीम का दूध धुलने से नुकसान की आशंका है। जिससे किसानों की ङ्क्षचता बढ़ा दी है।
दलोट. क्षेत्र में शनिवार सुबह से ही मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए। वहीं बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिससे मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि खेतों में कटी फसलों में नुकसान की आशंका है। करीब १५ मिनट तक बूंदाबांदी हुई। इसके बाद मौसम खुल गया। वहीं बारिश से मौसम सुहावना हो गया। लेकिन किसानों की ङ्क्षचता बढ़ गई है।
जिले में साढ़े आठ हजार खेतों में अफीम की पैदावार
जिले में इस वर्ष करीब साढ़े साठ हजार खेतों में अफीम की फसल लहलहा रही है। नारकोटिक्स विभाग की ओर से वर्ष 2022-23 के लिए कुल 8482 लाइसेंस वितरित किए गए है। इसके तहत जिले के प्रतापगढ़ खंड में 4 हजार 628 किसानों को लाइसेंस दिए गए है। इसमें से चीरा लगाने के किसानों की संख्या 3 हजार 426 है। जबकि सीपीएस पद्धति के तहत एक हजार 202 किसान है। छोटीसादड़ी खंड में कुल 3 हजार 854 किसानों को लाइसेंस दिए गए है। इसमें चीरा लगाने वाले किसानों की संख्या 3 हजार 290 है। जबकि सीपीएस पद्धति में 564 लाइसेंस है।