20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रतापगढ़

ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

Blind murder exposed, two accused arrested

Google source verification


धरियावद. धरियावद तहसील क्षेत्र के पारसोला थाना अंतर्गत लोहागढ़ के डरा गांव में 4 अक्टूबर रात्रि को मानागांव निवासी युवक देवीलाल मीणा के ब्लाइंड मर्डर केस मामले का पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा किया है। हत्या के आरोपी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें सामने आया कि युवक की हत्या आपस में कहासुनी के दौरान की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा एवं पारसोला पुलिस ने मामले का खुलासा किया है। थानाधिकारी पारसोला प्रकाशचंद के अनुसार 4 अक्टूबर की रात्रि को माना गांव निवासी देवीलाल मीणा की हत्या कर दी गई थी। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं धरियावद पुलिस उप अधीक्षक के नेतृत्व में धरियावद, पारसोला, धोलापानी, देवगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। वहीं साइबर सेल की मदद से घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की विशेष टीम लगातार खोजबीन व तलाश करती रही। इस दौरान पुलिस की स्पेशल टीम ने पूर्व के सजायाफ्ता आरोपियों आदि पर निगरानी रखी। इस दौरान खुफिया जानकारी व तकनीकी सहायता से इनकी जानकारी मिली। छोटी भांडला सेमला निवासी दीपक मीणा एवं भमात फला धरियावद निवासी दिनेश मीणा को दबिश देकर उनके संभावित ठिकानों से पकड़ा। दोनों से कड़ी पूछताछ पर उक्त हत्या की घटना करना स्वीकारा। जिसमें बताया कि किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद दीपक और दिनेश मीणा ने बाइक पर जा रहे मृतक देवीलाल का पीछा किया। डरागांव आम रोड पर रात्रि के समय हत्या करना स्वीकार किया। यह था मामला
पारसोला थाना अंतर्गत लोहागढ़ चौकी के डरा गांव में 4 अक्टूबर को रात्रि को माना गांव निवासी 20 वर्षीय युवक देवीलाल की निर्मम हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद अगले दिन 5 अक्टूबर को मृतक के पिता खातिया मीणा की ओर से एक रिपोर्ट दी गई थी। जिसमें बताया था कि देवीलाल 4 अक्टूबर को अपनी मां वह लड$के को लेने आमलवा ग्राम जाने का कहकर घर से निकला था। लेकिन वह नहीं आया। दूसरे दिन सुबह 5 अक्टूबर को पुत्र देवीलाल की लाश डरा गांव घाटी रोड पर पड़ी मिली थी। मृतक देवीलाल की लाश के पास मोटरसाइकिल एवं सिर पर गंभीर चोट होकर खून निकल रहे थे। पास में ही दो लकड़ी के गट्टे पड़े हुए थे। इसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज दी थी। परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के दो दिन तक शव नहीं उठाया था।