
प्रतापगढ़. आदिवासी प्रतापगढ़ जिला पिछड़े इलाके में आता है। पहले जहां जागरूकता के अभाव में रक्तदान को लेकर समस्या आती थी वहीं अब गत वर्षों से रक्तदान को लेकर जागरूकता होने लगी है। जिससे एक दशक पहले तक होने वाली रक्त की कमी अब नहीं होती है। जिससे यहां जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को आवश्यकता होने पर ज्यादा दौड़-भाग नहीं करनी पड़ती है। कई संगठनों की ओर से भी आवश्यकता होने पर रक्तदान किया जा रहा है। इसमें भी किसी जन्मदिन पर तो विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाने लगे है। अधिक रक्त होने पर पड़ौली जिलों में भी रक्त पहुंचाया जाता है। यह है ब्लड बैंक की स्थिति
जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक है। वर्ष 1996 में जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक की स्थापना हुई। इसके शुरुआती दिनों में जागरुकता के अभाव में लोग स्वैच्छिक रक्तदान में रुचि नहीं दिखाते थे। ऐसे में ब्लड बैंक में हमेशा रक्त की कमी बनी रहती थी। समय बीतने के साथ लोगों में जागरुकता आती गई और लोग स्वैच्छिक रक्तदान करने लगे। गत पांच वर्ष में 20 हजार यूनिट का रक्तदान हुआ है। जिसमें कुल 138 शिविर लगाए गए।
यहां तक जाता है रक्त
प्रतापगढ़ का रक्त पड़ोसी जिलों में भी ले जाया जाता है। इसमें उदयपुर, चित्तौडगढ़़, बांसवाड़ा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, इंदौर तक प्रतापगढ़ जिले से रक्त पहुंचाया जाता है।
छोटीसादड़ी बन रहा रक्तदान का हब
जिले का छोटीसादड़ी उपखंड रक्तदान के लिहाज से हब बना हुआ है। यहां गत कई वर्षों से रक्तदान को लेकर काफी जागरुकता है। जो अब क्षेत्र के गांवों में भी बढऩे लगी है। छोटीसादड़ी का जीवन रक्षक सोसायटी और हरीश हरीश आंजना एज्युकेशन सोसायटी और अन्य संस्थाओं के माध्यम से क्षेत्र में रक्तदान शिविर लगाए जाते है। यहां से संग्रहित रक्त को प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय समेत नीमच, उदयपुर, चित्तौडगढ़़, नीमच चिकित्सालयों में जाता है। गत कुछ वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से कई ग्रुप बनाए हुए है। इससे सूचना मिलते ही डोनर चिकित्सालय पहुंच जाता है।
जिला चिकित्सालय में गत वर्षों के आंकड़े
वर्ष यूनिट
2013 1628
2014 1593
2015 1736
2016 2316
2017 2569
2018 3026
2019 1350
2020 2987
2021 2515
2022 3102
(जिला चिकित्सालय के आंकड़़े, छोटीसादड़ी में लगाए शिविर में रक्त संग्रहण अलग है)
आने लगी जागरूकता, गांवों में भी रक्तदान शिविर
प्रतापगढ़ जिले में गत कुछ वर्षों से रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसमें छोटीसादड़ी क्षेत्र के रक्तदाता अधिक है। यहां की संस्थाएं रक्तदान के लिए हमेशा आगे है। हाल ही में कुछ वर्षों में गांवों में भी काफी जागरूकता होनी लगी है। कई संस्थाएं रक्तदान में आगे है। इस कारण यहां आवश्यकता पर रक्त उपलब्ध होता है। कई बार अधिक रक्त होने पर पड़ौली जिलों को भी भेजा जाता है।
डॉ. ओपी दायमा, प्रमुख चिकित्साधिकारी, जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़
Published on:
21 Feb 2023 08:47 am
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