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होली से पहले बंपर आवक, उचित भाव नहीं मिलने से किसान मायूस

समर्थन मूल्य से भी कम हो गए भाव

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होली से पहले बंपर आवक, उचित भाव नहीं मिलने से किसान मायूस

होली से पहले बंपर आवक, उचित भाव नहीं मिलने से किसान मायूस


प्रतापगढ़, छोटीसादड़ी और अरनोद मंडी में पहुंच रहे किसान

प्रतापगढ़. होली पर्व को लेकर तीन दिन ही शेष है। इसके साथ ही इन दिनों खेतों में रबी फसल की कटाई, थ्रेसङ्क्षरग भी हो रही है। ऐसे में किसान वर्ग भी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे है। जिससे मंडियों में उपज की आवक भी बंपर होने लगी है। लेकिन गत सप्ताह से ही विभिन्न ङ्क्षजसों के भावों में कमी होने लगी है। हालात यह है कि रबी की फसलों के भाव समर्थन मूल्य से भी कम हो गए है। जिससे किसानों में मायूसी है। हालांकि मंडियों में अभी उपज की शुरूआत हो रही है। लेकिन मंडियों में शनिवार को ही नीलामी होगी। इसके बाद छुट्टियां रहेगी। जिससे किसान वर्ग भी आवश्यक होने पर ही मंडियों में उपज लेकर पहुंच रहे है। जिससे होली का त्योहार मना सके।
जिले में अभी सरसों की कटाई और थ्रेसङ्क्षरग हो चुकी है। इसके साथ ही अभी मसूर, मैथी, गेहूं, चना, अलसी की कटाई शुरू हो गई है। कई खेतों में फसलों की कटाई और थ्रेसङ्क्षरग भी हो गई है। जिससे किसान वर्ग भी अपनी आवश्यकता के अनुसार उपज मंडियों में लेकर पहुंच रहे है। आवक बढऩे के कारण भावों में कमी होने से किसानों में मायूसी है। सरसों के भावों में कमी हो गई है। इसके साथ ही मसूर, धनिया, अलसी के भावों में भी गत वर्षों की तुलना में कमी हो गई है। हालांकि मैथी के भाव गत वर्षों से अच्छे है। गेहंू के भावों में भी एक माह में ही पांच सौ से आठ सौ रुपए तक कम हो गए है।
समर्थन से भी कम हो गए भाव
रबी की उपज के भाव सरकार की ओर से घोषित समर्थन मूल्य से भी कम हो गए है। गेहूं के भाव 2175 रुपए, सरसों के 5425 और चना के 53 सौ रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल के भाव है। लेकिन तीनों जिसों के भावा अभी बाजार में काफी कम मिल रहे है। आधे हुए अलसी के भाव
अभी कई ङ्क्षजसों के भावों में कमी हो गई है। इसके साथ ही अलसी के भावों में ज्यादा ही गिरावट हो गई है। जहां गत वर्ष अलसी के भाव दस हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल तक पहुंच गए थे। लेकिन अभी पांच हजार के भाव ही रह गए है। जिससे किसानों को मेहनत भी नहीं मिल रही है। जिससे किसानों में चिंता सता रही है। लहसुन के अच्छे भावों से मिल रही राहत
इस वर्ष लहसुन के भाव जरूर गत वर्षों से अच्छे मिल रहे है। लेकिन अभी लहसुन की उपज खेतों से नहीं निकली है। अगेती लहसुल की फसल ही मंडी में पहुंच रही है। ऐसे में आगामी दिनों में खेतों से उपज निकलने पर बंपर आवक होने पर भावों में कमी को लेकर किसान आशंकित है।
मजदूरों का है टोटा
प्रतापगढ़. कांठल में इन दिनों रबी की कटाई चल रही है। ऐसे में मजदूरों का भी टोटा चल रहा है। इसके साथ ही शहर समेत कस्बों में मजदूरों की मंडी लगी हुई है। जहां अधिक दरों पर मजदूरों को किसान अपने खेतों पर ले जा रहे है।
फसल समेटन में जुटे किसान
जिले में इन दिनों रबी की फसल पक चुकी है। जिससे किसान वर्ग अपने खेतों में व्यस्त है। कई किसानों के खेतों में फसल की थ्रेसङ्क्षरग भी हो रही है। जिससे उपज घरों में आने लगी है। इसमें उपज भी मंडी में पहुंच रही है।
अरनोद की मंडी में होने लगी बंपर आवक
अरनोद. यहां कृषि मंडी में इन दिनों बंपर आवक होने लगी है। यहां मंडी में अभी सोयाबीन के साथ सरसों, धनिया व मसूर की आवक अधिक हो रही है। इसके साथ ही यहां मैथी, चना और गेहंू, अलसी की भी आवक हो रही है।
मेले ओर त्योहारी सीजन के अवकाश को देखते मंडी में हो रही बम्पर आवक
छोटीसादड़ी. आगामी त्योहार और नगर में लगने वाले 8 दिवसीय मेले के आयोजन के चलते कृषि उपज मंडी में आगामी 10 दिनों का अवकाश रहेगा। इसके चलत क्षेत्र के किसान अपनी विभिन्न प्रकार की उपज लेकर विक्रय के लिए मंडी पहुच रहे है। जिसके चलते उपज मंडी का परिसर सुबह से खचाखच भर जाता है। वहीं देरी से पहुंचने वाले किसान उपज खाली करने के लिए, परिसर में स्थान खाली करने का इंतजार करते नजर आये।
छोटीसादड़ी मंडी में आज से अवकाश
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि उपज मंडी में शनिवार से दस दिनों का अवकाश रहेगा। मंडी सचिव ने बताया कि शनिवार से 13 मार्च होली और महाशिवरात्रि का मेला होने से मण्डी में अवकाश रहेगा।