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स्वच्छता को आदत बनाएं, तभी होगा स्वर्णिम भारत का सपना साकार

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स्वच्छता को आदत बनाएं, तभी होगा स्वर्णिम भारत का सपना साकार

स्वच्छता को आदत बनाएं, तभी होगा स्वर्णिम भारत का सपना साकार

प्रतापगढ़. स्वर्णिम भारत के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक में स्वच्छता के प्रति दायित्वबोध रखना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता को अपनी आदत में शुमार करना चाहिए, तभी हमारा शहर, प्रदेश और देश स्वच्छ बन पाएगा। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे स्वर्णिम भारत अभियान के तहत महाशिवरात्रि पर शहर की जानी मानी हस्तियों ने यह संदेश दिया। इस अभियान के तहत आज शुक्रवार को राजस्थान पत्रिका और नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में मंदिरों में जन जागरूकता अभियान चला रहा है। शहर के दीपेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूजा के दौरान सफाई जा रही है।
घर के साथ शहर की सफाई का ध्यान जरूरी
जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर में साफ सफाई के प्रति जागरूक रहते हैं, वैसे ही हमें शहर की स्वच्छता का ध्यान रखना होगा। सफाई का काम केवल नगर परिषद का ही नहीं, हम सबका है। शहर को स्वच्छ रखना सामूहिक दायित्व है। इसे हमें केवल प्रशासन के भरोसे नहीं छोडना चाहिए। जब तक शहर का प्रत्येक नागरिक सफाई के प्रति अपने कर्तव्य को लेकर सचेत नहीं होगा, तक तक कोई शहर स्वच्छ नहीं रह सकता। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाया जाने वाला स्वर्णिम भारत अभियान एक प्रंशसनीय पहल है। हर नागरिक को अपने शहर या गांव के लिए वर्ष में ७० घंटे देने का संकल्प लेना चाहिए।
जनसहयोग से ही शहर की प्रगति संभव
नगर परिषद सभापति और शहर के प्रथम नागरिक कमलेश डोसी ने कहा कि स्वच्छता सर्वे में यदि प्रतापगढ़ टॉप में रहा तो इसके पीछे जन सहयोग ही था। बिना जनता के सहयोग के कोई अभियान सफल नहीं हो सकता। प्रतापगढ की जनता को राजस्थान पत्रिका के स्वर्णिम भारत अभियान में भी पूरे उत्साह से सहयोग देना होगा। स्वच्छता को जब तक हम अपनी आदत में शामिल नहीं करेंगे। तब तक शहर को स्थायी रूप से साफ रखना संभव नहीं होगा। स्वर्णिम भारत अभियान के तहत हमें वर्ष में ७० घंटे अपने शहर के लिए देने ही चाहिए। यह हमारा सामाजिक कर्तव्य है। इससे हम शहर के प्रति अपने दायित्व को पूरा कर सकेंगे।