प्रतापगढ़. विश्व वानिकी दिवस पर वन मंडल की ओर से मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। वन विभाग परिसर में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में वन कर्मियों और वन्यजीव प्रेमियों को भी सम्मानित किया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी दाराङ्क्षसह राणावत ने बताया कि विश्व वानिकी दिवस पर आयोजित की गई इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में वनकर्मी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं वन्यजीव प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपवन संरक्षक सुनीलकुमार ने लघु वनौपज के माध्यम से आजीविका बढ़ाने के तरीके बताए। उन्होंने इस दौरान बताया कि पंजाब की उन्नति फाउंडेशन द्वारा मात्र 16 हजार हैक्टेयर के जंगल से 300 करोड़ का टर्न ओवर किया जा रहा है। जबकि प्रतापगढ़ वन मंडल के पास डेढ़ लाख हैक्टेयर से ज्यादा का जंगल है। लघु वनौपज के माध्यम से वन सुरक्षा समितियां अपनी आजीविका के स्त्रोत बढ़ा सकती है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज जंगल का संरक्षण आवश्यक हो गया है। जिस प्रकार पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है उससे वन्यजीवों के आशियाने पर संकट गहरा रहा है। जंगल रहेंगे तो वन्यजीव रहेंगे और हम स्वस्थ रहेंगे। पर्यावरण की ²ष्टि से भी जंगलों का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने सामुदायिक वन अधिकार पट्टों को लेकर भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में वनौपज एवं वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यावरण प्रेमियों, वन कर्मियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।