
अरनोद कस्बे के महाराणा प्रताप स्टेडियम में 15 दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन अरनोद प्रधान सुमन मीणा के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
अध्यक्षता जिला क्रिकेट संघ के सचिव अंकित कोठारी ने की। विशिष्ट अतिथि अरनोद के पूर्व नगर अध्यक्ष राजेंद्र कोठारी, अरनोद लेम्पस अध्यक्ष योगेश शर्मा, अरनोद मंडल भाजपा मीडिया प्रभारी जगदीश बैरागी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष विशाल जैन, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष जमनालाल मीणा, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष दीपक टेलर, विशाल मारवाड़ी, बालू कटारा, अरनोद युवा नेता भरत राणा, युवा नेता दिलीप पंडा, राजेश नाथ थे।
प्रतियोगिता के किशोर राठौर एवं उनकी टीम ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रथम मैच अरनोद व खेरोट के बीच खेला गया। जिसमें अरनोद विजयी हुई। दूसरा मैच घोटारसी और नौगावां के बीच खेला गया। घोटारसी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 14 ओवर में 16 0 रन बनाए। रहीम ने 55 रन बनाए। जवाब में नौगांवां की पूरी 58 रन पर ऑलआउट हो गई।
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आजादी के बाद से अब तक नहीं बनी सडक़
कच्ची डगर पर चलने को मजबूर
पारसोला
क्षेत्र का एक ऐसा गांव भी है, जहां आजादी के बाद से अब तक सडक़ नहीं बन पाई है। ऐसे में लोग मूलभूत सुविधाओ से वंचित है। कहने को तो पारसोला ग्राम पंचायत स्मार्ट विलेज में है। लेकिन ग्राम पंचायत के रातीखाईयां गांव के साथ सौतेलापन हो रहा है। ग्राम पंचायत का वार्ड एक रातीखाइयां गंाव में करीब 80 घरों की बस्ती अपने वजूद के लिए आज भी संघर्ष कर रही है। कस्बे के पटेलवाड़ा मेघवाल फला होकर रातीखंाइया से होकर नया तालाब होते हुए वन विभाग के सामने साबला रोड़ पर निकलता है। इस मार्ग पर आज भी बड़े-बड़े पत्थर व गड्ढे बने होकर झांडिय़ों में पगडडी जैसा बना हुआ है। गंाव के गौतमलाल मीणा, लालाराम मीणा, शंकरलाल, नाथूलाल मीणा, रायंगा मीणा, अर्जुनलाल सहित ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत पारसोला में गांव का उल्लेख है। लेकिन ग्राम पंचायत पारसोला के द्वारा हमारे गंाव में कोई विकास के काम नहीं हुए है। ग्राम पंचायत की कई गली और मोहल्लों में दो से तीन बार सीसी सडक बन गई है। गांव में पेयजल, बिजली व सीसी सडक़ की समस्या बरसों से यथावत है। मुख्यरूप से आने-जाने का मार्ग सुलभ नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रातीखाईया के अन्तिम छोर पर ऐतिहासिक तालाब बना हुआ है। जो अस्तित्व खोता जा रहा है।
ग्राम पंचायत के द्वारा इस तालाब की मरम्मत कर पुन: जीवित करदे तो कस्बे का जल स्तर बढ़ जाएगा। पेयजल की समस्या से निजात मिल सकेगी। साथ ही साबला पारसोला मार्ग पर वन विभाग से रातीखाइया प्राथमिक विद्यालय तक कच्चा मार्ग है। उसको सीसी सडक़ बना दिया जाए तो आमजन को राहत मिलेगी। पूर्व सरपंच कानजी पटेल, नारायण सालवी, मोहन मेघवाल, भैरा मेघवाल, भैरा पटेल आदि ने बताया कि इस मार्ग पर विद्यालय व आंगनबाड़ी केन्द्र के साथ कई लोगों के खेत-खलियान होने से बरसात के मौसम मे आने जाने परेशानी होती है। ग्राम पंचायत के सरपंच अम्बादेवी मीणा ने बताया की रातीखाईया प्राथमिक विद्यालय से नया तालाब एवं साबला रोड वन नाका तक सीसी सडक़ प्रस्तावित है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
Published on:
26 Dec 2017 11:20 am
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