20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रतापगढ़

फसल बीमा प्रतिनिधि को किया कमरे में बंद

Crop insurance representative was locked in the room

Google source verification

किसानों ने पुलिस में दी रिपोर्ट
अरनोद. अरनोद उपखंड के नौगांवां गांव में शनिवार को किसानों ने रिकॉर्ड में कम क्षेत्रफल इंद्राज करने पर फसली बीमा प्रतिनिधि को ताले में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंच जिला कलक्टर सौरभ स्वामी ने बीमा प्रतिनिधि को बाहर निकलवाया। इसके साथ ही प्रतिनिधि को 11 दिन का समय दिया गया। वहीं खेतों में खराबे को लेकर जिला कलक्टर ने दौरा किया और खराबे की स्थिति का जायजा लिया।
यहां नौगांवां में शनिवार को कृषि विभाग के अधिकारी बैठक लेने पहुंचे। जहां उप निदेशक गोपालनाथ योगी ने किसानों से जानकारी ली। इसके साथ ही फसली बीमा के बारे में बताया। इस पर किसानों ने बीमा में कम क्षेत्रफल इंद्राज कराने के बारे में जानकारी दी। इस पर फसल बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया।
वास्तविक स्थित के बारे में बताया। इस पर आक्रोशित किसानों ने फसली बीमा प्रतिनिधि को कमरे में बंद कर दिया। फसल खराबे के उचित मुआवजे की मांग की। सूचना पर चौकी प्रभारी शांतिलाल भट्ट मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश का प्रयास किया। इस बीच जिला कलक्टर सौरभ स्वामी भी पहुंच गए।
उन्होंने ताला खुलवाया। इसके साथ ही फसल बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधि सोनू शर्मा और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ खेतों में फसल खराबे का निरीक्षण किया। फसल बीमा प्रतिनिधि को लताड़ लगाई। कहा कि सही निरीक्षण कर किसानों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इस पर जिला प्रतिनिधि ने कहा कि आगे से दबाव रहता है कि कम खराबा बताओ। उसके हाथ में कुछ नहीं है। इस पर जिला कलक्टर ने उसे निर्देश दिए कि सही ठंग से फसल खराबे का आंकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए।
किसानों का कहना था कि प्रति वर्ष बीमा प्रीमियम राशि तो कंपनी द्वारा केसीसी आदि से काट ली जाती है। लेकिन उचित मुआवजा नहीं दिया जाता। इस संबंध में किसानों की ओर से बीमा कंपनी के खिलाफ अरनोद थाने में रिपोर्ट दी गई है।
इस तरह उजागर हुआ मामला
यहां गांव में कम्पनी द्वारा जिन किसानों का सर्वे किया गया। उन किसानों को मौके पर कोई रसीद नहीं दी गई और ना मौके पर नुकसान भरा गया। इस तरह नोगावा के कुछ किसानों की रसीद सुबह उन तक पहुंची। बाद में कृषि अधिकारी बैठक में आए। उसमे जब उन्होंने रसीदों को देखा तो पता चला कि खराबे को कम प्रतिशत कर और रकबा जो 50 बीघा था उसे घटाकर सिर्फ 7 आरी कर दिया गया। जिससे जो एक बीघा भी पूरा नही होता हैं। इस प्रकार से किसानों को छला जा रहा हैं तब मोके पर उपस्थित रिलायंस के अधिकारी को घेर कर बैठा लिया। जानकारी में सामने आया कि इस प्रकार क्षेत्र के 992 किसानों की जो गलत रिपोर्ट तैयार की गई उसको सुधार कर सही भरा जाए। इसके बाद किसानों द्वारा कंपनी के खिलाफ थाना अरनोद में रिपोर्ट दी गई। भारतीय किसान संघ के सूरज आंजना ने बताया कि कम्पनी को 11 दिन तक का समय दिया गया है।