प्रतापगढ़. जिले में गत वर्ष खरीफ की फसल खराबे की बीमा राशि नहीं मिलने से नाराज किसानों ने गुरुवार को कृषि उपज मंडी से वाहन रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले वाहन रैली के रूप में मिनी सचिवालय पहुंचे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बीमा कंपनी और कृषि विभाग के कर्मचारियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले आज बड़ी संख्या में जिले के किसान कृषि उपज मंडी में एकत्रित हुए। यहां से वाहन रैली के रूप में शहर के मुख्य मार्गों से होकर किसान मिनी सचिवालय पहुंचे। भारतीय किसान संघ के विभाग मंत्री गोपाल खटवड़ ने बताया कि जिले में रबी और खरीफ सीजन में बेमौसम की बरसात और अतिवृष्टि से गेहूं, सरसों और सोयाबीन की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा एजेंटों ने खराबे की रिपोर्ट भी बनाई। लेकिन किसानों को अभी तक क्लेम राशि नहीं मिली। तत्कालीन जिला कलेक्टर सौरभ स्वामी ने बीमा एजेंटों द्वारा की जा रही गड़बड़ी को लेकर उन्हें फटकार भी लगाई थी। कृषि अधिकारियों के साथ बीमा एजेंटों ने मिलकर खराबा रिपोर्ट में गड़बडिय़ां की जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने मांग की है कि उन्हें बीमा कंपनी से क्लेम की राशि दिलवाई जाए। अन्यथा उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस संदर्भ में वह कई मर्तबा ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। भारतीय किसान संघ के संभाग प्रभारी कर्नल जयराजसिंह ने बताया कि कृषि मंडी में आम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें किसान नेताओं ने उद्बोधन दिया व बाद में एक रैली की रूप में सभी किसान जिला कलक्ट्री तक पहुंचे। प्रतिनिधि मंडल ने अतिरिक्त जिला कलक्टर से मुलाकात की। जिसमें महोदय उन्होंने आश्वासन दिया हैं कि जल्द किसानों की मांग पर कर्यवाही की जाएगी।
यह रही प्रमुख मांगें
गत वर्ष खरीफ में सोयाबीन की फसल का बीमा क्लेम जल्द किसानों को दिया जाए।
रबी फसल जो कि बेमौसम बारिश से तबाह हुई। उसका बीमा क्लेम दिलवाया जाए।
अरनोद थाने में दिए गए परिवाद जो कि अभी तक दर्ज नहीं किया गया। उसे दर्ज किया जाए।
फसली बीमा कंपनी रिलायन्स जैसी कृषि बीमा कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाए।
एक सप्ताह की दी गई चेतावनी
जिला प्रचार प्रमुख सूरज आंजना ने बताया कि सरकार को एक सप्ताह की चेतावनी दी गई है। इस दौरान इन मांगों को लेकर सुनवाई नहीं करने पर उग्र आंदोलन किसानों द्वारा किया जाएगा। इस अवसर जिला अध्य्क्ष पन्नालाल डांगी, राधेश्याम, बहादुर, गिरजाशंकर, लक्ष्मीनारायण, ताराचंद आदि किसान उपस्थित थे।