
गौतमेश्वर तीर्थ को लगे चार चांद
देवीशंकर सुथार/ सुधीर व्यास
प्रतापगढ़/अरनोद. कांठल समेत मेवाड़, वागड़, मालवा के प्रमुख तीर्थ स्थल गौतमेश्वर महादेव में चार चांद लग गए हैं। जहां एक और प्राकृतिक छटा धार्मिक और पर्यटन स्थल को अलग ही पहचान दिलाती हैं। वहीं हाल ही में वन विभाग की ओर से इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की महती योजना के तहत लव कुश वाटिका बनकर तैयार हो गई है। इससे तीर्थ स्थल को चार चांद लग गए हैं। प्रतापगढ़ जिले के अरावली उपत्यकाओं में अवस्थित अरनोद कस्बे से तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित गौतमेश्वर महादेव प्राकृतिक स्थल के बीच में धार्मिक स्थल है। इसी स्थान से जंगल क्षेत्र विद्यमान है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के उपरांत यहां पर वन विभाग के नियम कारों को ध्यान में रखते हुए लव कुश वाटिका का निर्माण प्रगतिरत है। जो अभी अंतिम चरण में है। इसके तहत यहां विभिन्न कार्य कराए जा रहे है।
राज्य सरकार की लवकुश वाटिका योजना
गौरतलब है कि पारस्थितिकी पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में वन क्षेत्र और इससे लगती हुई प्राकृतिक स्थल को शामिल करते हुए लव कुश वाटिका बनाने की योजना है। जिसमें वृक्षाच्छादित सुरम्य स्थल को लेना था। जिसमें विकास कार्य किए जाए। जिससे आम लोगों को पर्यटक स्थल के रूप में प्राकृतिक वातावरण मिले और प्रकृति के प्रति प्रेम बढ़े। इसके तहत गौतमेश्वर के पास पहाडिय़ों के बीच में प्राकृतिक स्थल को चुना गया। इसके तहत यहां वन विभाग की ओर से कार्य कराया जा रहा है। इस स्थल पर समय समय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला कलक्टर एवं राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के दौरे होते रहते हैं। उनके दिशा-निर्देशों को संकलित करते हुए वन विभाग की टीम क्षेत्रीय वन अधिकारी दाराङ्क्षसह राणावत, अरनोद नाके पर तैनात मनोहरलाल, वीरेंद्र, राजेंद्र व स्थानीय लोगों के सहयोग से इस वाटिका के निर्माण में लगे हुए हैं।
योजना में यह हुए है कार्य
लव कुश वाटिका में इसके रमणीय प्रवेश द्वार बनाया गया है। इसके साथ.साथ लगभग 2 किलोमीटर का ईको ट्रेल बनाया गया है। इसके साथ ही यहां दूसर तक वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थानों को देखने के लिए वाच टावर बनाया गया है। झोंपडिय़ां, गजीबों हट, जगह-जगह पर आराम करने के स्थान के साथ-साथ पास के 50 हैक्टेयर वन खंड में पौधरोपण किया गया है।
पार्क के नजारे के साथ प्राकृतिक सौंदर्य
वन विभाग द्वारा बनाई जा रही लव कुश वाटिका लोगों को शहरी क्षेत्र में बने पार्कों से हटकर एक अलग तरह का प्राकृतिक अनुभव उपलब्ध कराएगी। इस वाटिका में घूमने से लोगों को जंगल में घूमने का आभास होगा एवं प्रकृति के सान्निध्य में कुछ बेहतरीन पल बिताने को मिलेंगे।
एनीकट पर बनाया वॉक-वे
लवकुश वाटिका में इस जगह का सबसे कठिन परंतु बहुत ही अच्छा कार्य एनीकट रिपेयर है। यहां पर पुराने जर्जर एवं टूटे टूट चुके एनीकट का रिपेयर का कार्य किया गया है। इसको लगभग पूरी तरह से रिपेयर किया जा चुका है। इसके ऊपर एक वॉक-वे का निर्माण किया जा रहा है। जिससे ईको-ट्रेल पर चलना लोगों को आनंदमय एवं रोमांचित करेगा।वॉच टावर से दिखेगा प्राकृतिक सौन्दर्य
यहां लव कुश वाटिका में प्रमुख रूप से वॉच टावर बनाया गया है। जो 38 फीट की ऊंचाई का बनाया गया है। इससे आसपास के जंगल का प्राकृतिक सौन्र्दय निहारा जा सकेगा। इसके साथ ही यहां लोगों के भ्रमण के लिए पाथ वे भी बनाए गए है।
इको टूरिज्म के तहत लवकुश वाटिका, और भी कराए जाएंगे कार्य
राज्य सरकार की ओर से दिए गए लक्ष्यों के संपूर्ण कार्य को जल्द ही पूरा किया जाएगा। किसी भी इको टूरिज्म साइट के लिए अनंत संभावनाएं होती हैं। गौतमेश्वर में लव कुश वाटिका के तहत अभी बेसिक कार्य ही किया गया है। जो मन भावन ²श्य देने के लिए पर्याप्त है। इस जगह और कार्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों के लिए राज्य सरकार से आग्रह किया जाएगा।
सुनील कुमार, उपवन संरक्षक, प्रतापगढ़.
Published on:
21 Jan 2023 08:40 am
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