प्रतापगढ़. जिले में बारिश का दौर तीसरे दिन भी रिमझिम और झमाझम के साथ जारी रहा। दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। ऐसे में खेतों में पानी भरा हुआ है। कटी फसलें तो पूरी तरह से खराब हो गई। इसके साथ ही खड़ी फसल में भी नुकसान होन लगा है। वहीं कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में 45 से 55 प्रतिशत तक खराबा दर्ज किया गया है। ऐसे में जिला कलक्टर ने भी खेतों का दौरा किया और वास्तविक स्थिति का जायजा। दूसरी ओर सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वह और राज्य सरकार किसानों के साथ है। जल्द से जल्द हर संभव किसानों की मदद की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में जाते हुए मानसून से इस बार तीन दिन से बारिश हुई। वहीं दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हुई। जिससे अच्छी स्थिति में खड़ी खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन को घर लाने से पहले बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार ओर से दिए गए निर्देश पर कृषि विभाग ने भी सर्वे कराया है। कृषि विभाग के उप निदेशक गोपालनाथ योगी ने बताया कि जिले में दो दिन तक कराए गए सर्वे में कहीं 40 से 55 प्रतिशत तो कहीं 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। खेतों में पालनी भरने से कटी और पकी हुई खड़ी फसलों में नुकसान हुआ है। समाजसेवी हरीश लबाना, गणपत गुर्जर नकोर और किसान नेता भरत गायरी गादोला ने बताया कि किसानों द्वारा कर्ज लेकर इस आस में फसल बुआई की थी। इस बार अच्छी फसल होगी। लेकिन अंत समय मे किसान के मुंह में आया निवाला भारी बारिश ने छिन लिया।
छोटीसादड़ी. खरीफ की फसल में नुकसान हो गया है। क्षेत्र में शुक्रवार को दिनभर बारिश हुई। इससे नदी-नाले उफान पर रहे। वहीं खेतों ने तालाब का रूप ले लिया। इससे खेतों में काटकर रखी सोयाबीन जलमग्न हो गई और पककर तैयार खड़ी फसल भी आड़ी पडऩे के कगार पर है। मेहनत पर पानी फिरने से किसानों के चेहरे पर मायूसी की लकीरें व दुख झलकने लगा है। अब किसान सरकारों की तरफ नुकसान का मुआजे की आस लगा रखी है। बम्बोरी के किशन जणवा ने बताया कि प्रशासन नुकसानी की गिरदावरी कर, नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देकर राहत प्रदान करें। बारिश और जलभराव के कारण कई किसानों के खेतों इससे उत्पादन शून्य आने की संभावना जताई जा रही है।
वनपुरा. वनपुरा सहित अरनोद उपखण्ड के गांवों में पिछले कुछ दिनों में हुई रिकॉर्ड बारिश ने किसानों की फिर कमर तोड़ दी है। बारिश से फसलें जलमग्न हो गई है। क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि अब तक फसलों के नुकसान का आंकलन करने कोई भी नहीं आया। वही कई खेतो में भरे पानी की निकासी का इंतजाम भी कर रहे हैं। लगातार हुई बारिश से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया। वहीं बारिश के कारण खेत व खलिहान पानी में डूबे हुए हैं। अतिवृष्टि व शिवना नदी के उफान से नदी किनारे की फसलें पहले ही पूरी तरह से चौपट हो गई है। वहीं फसले बर्बाद हो गई। हार्वेङ्क्षस्टग के लिए कटी हुई सोयाबीन फसलों की फलियो में अंकुरण, फफूंद होकर सडऩे लगी है। जिसके चलते किसान हताश और निराश हो चुके है। शिवना नदी के तेज बहाव के कारण खेतों से फसलों के साथ ही खेतों की मिट्टी कटाव भी बड़े पैमाने पर होने से किसानों को अब अगली फसलों के उत्पादन पर भी संकट मंडराने लगा है। ऐसे सरकार को चाहिए कि बीमा कंपनी को निर्देशित कर किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए पाबंद करें। जिससे किसानों को लाभ मिल सके।
करजू. पिछले दो दिनों से वर्षा का दौर लगातार जारी है। एनिकट में उफान आ गया है। वहीं खेतों में पानी भर गया। इससे खेतों में काटकर रखी सोयाबीन फसल जलमग्न हो गई। किसानों की मेहनत पर पानी फिरने से किसानों के चेहरे पर मायूसी की लकीरें व दुख झलकने लगा है। अब किसान सरकारों की तरफ नुकसान का मुवाआजे की आस लगाए रखी है। गत दिनों से तेज और मध्यम बारिश ने दूसरे दिन भी जारी होने से अन्नदाताओं को फिर रुला दिया है। अब तक अच्छी स्थिति में खड़ी खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन को घर लाने से पहले बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।
स्वरूपगंज. क्षेत्र में हो रही दो दिन से हुई बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। क्षेत्र में इस समय सभी फसलें पक कर तैयार हो गई थी। कई किसान अपने खेतों में फसल कटाई में जुट गए थे। अचानक आए मौसम के बदलाव के कारण अन्नदाता की मेहनत पानी में भीग गई और किसान मायूस नजर आए। पूर्व सरपंच शांतिलाल धाकड़, बरखेड़ा से टीआर पाटीदार ने बताया कि किसान फसल की कटाई करके सुखाने के लिए अपने खेतों में ध्रेङ्क्षसग के लिए इक_े कर छोड़ रखी थी। जो बारिश में भीग गई है। तेज बारिश से कट्टी पड़ी मुख्य फसल सोयाबीन उड़द मक्का खेतों में खराब होने की ङ्क्षचता बढ़ गई है।
किसानों के साथ है सरकार
मुश्किल घड़ी में सरकार और मैं किसानों के साथ है। जिला कलक्टर चित्तौडगढ़़ व जिला कलक्टर प्रतापगढ़ से बात कर तुरंत प्रभाव से नुकसान के सर्वे के लिए निर्देशित किया है। साथ ही किसानों से आग्रह है कि जिन किसानों ने प्राइवेट बैंक से केसीसी या सहकारी बैंक से लोन ले रखा है, वह किसान ई-मित्र पोर्टल पर या बीमा कम्पनी के टोल फ्री नंबर 18002005142 चित्तौडगढ़़, 18001024088 प्रतापगढ़ पर कॉल करके अपने नुकसान की सूचना दर्ज करवाएं। जिससे की आपके नुक़सान की •ा्यादा से •ा्यादा भरपाई हो सके।
– उदयलाल आंजना, सहकारिता मंत्री