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प्रतापगढ़

सीपीएस पद्धति के लाइसेंस बढ़े, चीरा लगाने के अफीम लाइसेंस में आई कमी

काला सोना: जिले में अफीम उत्पादक किसानों को लाइसेंस प्रक्रिया शुरू

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गत वर्ष थे कुल 6 हजार 719 लाइसेंस
इस वर्ष 9 हजार 175 लाइसेंस दिए जाएंगे
प्रतापगढ़. जिले में नारकोटिक्स विभाग की ओर से लाइसेंस वितरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही किसान भी खेत तैयार करने में जुट गए है। वहीं दूसरी ओर जिले में गत वर्षों में 1998-99 के बाद से विभिन्न कारणों से कटे लाइसेंस भी मिले है। जो सीपीएस पद्धति में दिए जा रहे है। इसके साथ ही गत वर्ष कम औसत देने वाले किसानों को भी सीपीएस में लाइसेंस मिल रहे है। ऐसे में इस वर्ष फसल में चीरा लगाने वाले लाइसेंस की संख्या कम हुई है। जबकि सीपीएस पद्धति में अफीम लाइसेंस की संख्या बढ़ी है।
नारकोटिक्स विभाग की ओर से गत वर्ष कुल गत वर्ष थे कुल 8 हजार 472 लाइसेंस दिए गए थे। इसमें सीपीएस पद्धति के 1766 लाइसेंस दिए गए थे। वहीं इस बार विभाग की ओर से कुल 9 हजार 175 लाइसेंस वितरित किए जा रहे है। इसमें चीरा लगाने के लाइसेंस 6314 है। जबकि सीपीएस के तहत 1838 लाइसेंस तो गत वर्ष के है। जबकि नए मिले लाइसेंस 1023 है। ऐसे में सीपीएस के तहत कुल 2 हजार 861 लाइसेंस दिए जाने है। इसके तहत प्रक्रिया जारी है।

जिले में यह है इस वर्ष लाइसेंस की स्थिति
प्रतापगढ़ जिले में नारकोटिक्स विभाग की ओर से दो खंड बनाए हुए है। जिसमें एक खंड प्रतापगढ़ है। जिसमें प्रतापगढ़, अरनोद और पीपलखूंट के किसानों को शामिल किया गया है। इस वर्ष खंड प्रथम में चीरा लगाने के कुल 3098 लाइसेंस दिए गए है। जबकि सीपीएस के तहत 1979 लाइसेंस दिए जा रहे है। इसी प्रकार छोटीसादड़़ी खंड में कुल 3216 लाइसेंस चीरा लगाने के दिए जा रहे है। वहीं सीपीएस के तहत कुल 889 लाइसेंस दिए जा रहे है।

यह है जिले में अफीम लाइसेंस का आंकड़ा
खंड चीरा के लाइसेंस गत वर्ष के सीपीएस नए मिले
प्रतापगढ़ 3098 1196 776
छोटीसादड़ी 3216 642 247
कुल 6314 1838 1023