
जिले में 370 मां-बाड़ी केंद्रों पर लगे ताले
--११ हजार बच्चों की शिक्षा हो रही प्रभावित
-शिक्षा सहयोगी और स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल
-- जिले के टीबी रोगी परेशान
प्रतापगढ़.
जिले में राजस्थान मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ प्रतापगढ़ एवं स्वच्छ कार्मिकों की संयुक्त कलमबंद हड़ताल सातवें दिन सोमवार को भी जारी रही। इससे जिले में 370 मां-बाड़ी केंद्र पर ताले लगे हुए हैं। जिससे जिले के 11 हजार 100 बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से जिले के टीबी रोगी भी परेशान हो रहे है।
गौरतलब है कि पिछले साल से कोरोना के कारण केंद्र नहीं चल सके थै। अभी वर्तमान में केंद्र संचालित हुए है। लेकिन कर्मचारियों द्वारा कलम बंद हड़ताल करने पर सभी बच्चों की शिक्षा बहुत प्रभावित हो रही है। स्वच्छ कार्मिकों की लंबे समय से मांग होती आ रही है। लेकिन सरकार ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। जिससे यह लोग मजबूर होकर हड़ताल पर उतर गए है। ऐसे में जिले के मां-बाड़ी केन्द्र बंद पड़े हुए है। इसके साथ ही टीबी रोगियों को भी काफी परेशानी हो रही है।
यह है संघ की प्रमुख मांगें-
संघ की कई मांगें है। इनकी प्रमुख मांगे इस प्रकार से है। जिसमें मानदेय वृद्धि कराना एवं संविदाकर्मी का दर्जा देना, स्वच्छ कार्मिक को नियमित करना, जो प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा लगे हैं, उनको संविदाकर्मी का दर्जा देना, स्वास्थ्य कर्मियों का मानदेय वृद्धि करना शामिल है।
जिले की संघर्ष समिति के नन्दकिशोर कुमावत, जीवन शर्मा, कालीचरण मीणा, शिक्षा सहयोगी संघ जिला अध्यक्ष नारायणलाल मीणा, खेमराज मीणा ब्लॉक अध्यक्ष, नन्दलाल मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष सूरज मईडा, गोपाल मीणा आदि ने बताया कि यदि सरकार समय रहते हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो आगामी दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।
:==:जिले में एक हजार कर्मचारी
स्वच्द परियोजना के तहत जिले में ३७० मां-बाड़ी केन्द्र संचालित किए जा रहे है। जिसमें करीब ४५० कर्मचारी लगे हुए है। इसके अलावा परियोजना की ओर से जिले में करीब ६ सौ स्वास्थ्यकर्मी लगे हुए है। जो क्षय रोग निवारण के तहत कार्य कर रहे है।
=-=- नहीं मिल रहे ट्रांसफॉर्मर, किसान हो रहे परेशान
अरनोद. क्षेत्र में इन दिनों जले हुए ट्रांसफॉर्मर को लेकर किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात यह है कि एक पखवाड़े के बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं मिल पा रहे है। जबकि कई किसानों को इसके लिए रोजाना ही यहां कार्यालय में चक्कर लगाने पड़ रहे है।
किसानों ने बताया कि यहां ट्रांसफॉर्मर लाकर खुद ही जमा कराना पड़ता है। इसके बाद उन्हें कहा जाता है कि आगे से ट्रांसफॉर्मर नहीं आए है। ऐसे में किसानों को एक सप्ताह तो कई किसानों को एक पखवाड़े का भी इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों में रोष है। वहीं दूसरी ओर इस संबंध में किसानों ने जब सहायक अभियंता नरेन्द्रसिंह चारण से बात की। इस पर सहायक अभियंता का कहना है कि कार्यालय में स्टोर कीप7र से बात करो। ऐसे में किसानों को यहां काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप कर किसानों को परेशानी को दूर करने की मंाग की है।
Published on:
14 Dec 2021 08:41 am
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