प्रतापगढ़. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत की मुहर लगी और राजीनामें तय हुए। एडीआर सेन्टर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश महेन्द्रङ्क्षसह सिसोदिया के सान्निध्य में लोक अदालत का आयोजन हुआ। बैंचों में जिला एवं ताल्लुका न्यायालयों में मुकदमा दर्ज करने से पूर्व प्रि-लिटीगेशन मामलों, न्यायालयों में लम्बित मामलों एवं राजस्व प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत बैंच के अध्यक्ष एवं सदस्यगण ने एडीआर सेन्टर एवं न्यायालयों में पहुंचे पक्षकारान को अपने मामले को आपसी सहमति व समझाईश करने से निपटाया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत अभियान के तहत न्यायालयों में लम्बित मामलों में से लोक अदालत की भावना से राजीनामा वार्ता कराई गई। जिसके चलते अनेकों मामलें निपटे, जिनमें न्यायालयों में विचाराधीन मामलों एवं प्रि-लिटीगेशन मामलों में करोड़ों रुपए के राजीनामे तय हुए। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित व प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को निस्तारित कर 4 करोड़ ५8 लाख 4897 रुपए अवार्ड पारित किए गए। आमजन को सस्ता शीघ्र एवं सुलभ न्याय दिलाने के मद्धेनजर प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 6 बैंचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
अरनोद. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं महेन्द्रङ्क्षसह सिसोदिया, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नुकेश भगोरा के सान्निध्य में द्वितीय शनिवार को न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य विवाद के निपटारे को लेकर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नुकेश भगोरा तथा नायब तहसीलदार कचरूलाल मालवीय, लोक अदालत बैंच के सदस्य एवं बार संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता शरद जैन, जसपाल आंजना, हर्षवर्धनङ्क्षसह सिसौदिया, चांदमल मीणा, प्रभुलाल मीणा, पप्पु शर्मा, नरेन्द्र गिरी गोस्वामी, अर्जुन वैष्णव, ईश्वर चौधरी एवं अन्य अधिवक्ताओं द्वारा समझाइश की गई। विभिन्न प्रकार के कुल 47 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस मौके पर कर्मचारी जगदीशलाल शर्मा रीडर, युसुफ खां, राजेश टेलर, हितेश मीणा कनिष्ठ लिपिक, लच्छीराम मीणा, रतनलाल मीणा आदि उपस्थित रहे।