
प्रतापगढ़. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ई-मित्र परियोजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन के लिए सुलभ बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत के अटल सेवा केन्द्र पर एक सेल्फ सर्विस कियोस्क की स्थापना की गयी है। सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग प्रतापगढ़ के उपनिदेशक सौरभ बामनिया ने बताया कि इन मशीनों से कोई भी आमजन ई-मित्र सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है। जिले में 151 ग्राम पंचायतों तथा धरियावद पंचायत समिति मुख्यालय सहित 152 जगहों पर ई-मित्र प्लस मशीनों की स्थापना की जा चुकी है।
यह सुविधाएं भी मिलेगी
ई-मित्र प्लस मशीन से ग्रामीण अंचल के लोग को ई-मित्र पर उपलब्ध सेवाओं के साथ ही भामाशाह में मोबाइल नंबर जोडऩे या बदलने, बिजली पानी तथा पोस्टपेड मोबाइल बिल भुगतान, जमामंदी व नकल प्राप्त करने, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्रिन्ट करने जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इन सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए भुगतान नगद, कार्ड स्वाईप, नेट बैंकिंग, क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड द्वारा किया जा सकता है।
वीसी की सुविधा भी
मशीन में 17 इंच की स्क्रिन पर ई-मित्र की सेवाएं उपलब्ध हैं तथा दूसरी ओर स्थापित वेब कैमरा तथा 32 इंच की स्क्रिन ग्राम पंचायत स्तर पर विडियो कॉंफ्रेंस की सुविधा भी दी गयी है। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किए जा रहे न्याय आपके द्वार राजस्व शिविरों में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के सूचना सहायकों द्वारा ई-मित्र प्लस मशीनों का प्रदर्शन एवं आमजन को इसके उपयोग की जानकारी प्रदान की जाती है। जिससे ग्रामीणों की ओर से इसका अधिकतम एवं सुगमता से उपयोग किया जा सके।
शहरों में भी होगी स्थापित
योजना के अगले चरण में इन मशीनों की स्थापना शहरी क्षेत्र में की जाएगी। जिससे शहरी क्षेत्र में भी लोगों को ई-मित्र पर उपलब्ध सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। विभाग ने शहरी क्षेत्र में ई-मित्र प्लस मशीनों की स्थापना की कवायद शुरू कर दी है।
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निर्धारित समय पर जलापूर्ति नहीं
-जलदाय विभाग की मनमर्जी से उपभोक्ता रहते परेशान
प्रतापगढ़.
शहर में पिछले काफी समय से जलदाय विभाग की मनमर्जी के चलते लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग की ओर से यहां पहले ही पांतरे व्यवस्था के तहत एक दिन छोडकऱ एक दिन जलापूर्ति की जा रही है, वहीं अधिकांश समय तीन-चार दिन में पानी आता है। जिसके कारण घरों में पानी का अभाव बना रहता है। उस पर विभाग की ओर से निर्धारित समय पर जलापूर्ति नहीं होना कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। निर्धारित समय पर जलापूर्ति नहीं होने के कारण अक्सर लोग पानी भरने से महरूम रह जाते है और बाद में उन्हे पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है।
मांगना पड़ता है पानी
नियमित समय पर जलापूर्ति नहीं होने पर पानी भरने से महरुम रहने की स्थिति में लोगों के साथ बड़ी विकट स्थिति बन जाती है। आलम यह रहता है कि उन्हे पड़ोसियों से पीने का पानी मांगना पड़ता है। यह स्थिति कभी-कभी तो इतनी बुरी नहीं लगती है, लेकिन आए दिन ऐसा होने पर खासी शर्मिन्दगी उठानी पड़ती है।
इन्हे ज्यादा परेशानी
जलदाय विभाग की ओर से अधिकांश समय पानी की सप्लाई सुबह 10 बजे के बाद ही की जाती है। तब तक अधिकांश लोग अपनी नौकरी या धंधों के लिए निकल जाते हैं। ऐसे में घर पर रहने वाली महिलाएं तो किसी तरह पानी भर लेती हैं, लेकिन जिन घरों में पति-पत्नी दोनों नौकरीपेशा हंै वे पानी नहीं भर पाते, जिसके चलते उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
जलापूर्ति का समय कम
विभाग की ओर से दो-तीन दिन में पानी की आपूर्ति करने के बावजूद इसका समय काफी कम रहता है। कभी 15 मिनिट तो कभी आधे घंटे पानी आता है जो नाकाफी साबित होता है। नहाने या कपड़े धोने के लिए खर्चा कर टैंकर मंगवाना पड़ता है जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
Published on:
11 May 2018 10:34 am

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