धरियावद. कस्बे में गत दिनों हुई विवाहिता की हत्या का खुलासा कराते हुए पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण का खुलासा पुलिस अधीक्षक अमितकुमार ने यहां प्रेस वार्ता में किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 25 मई रात्रि को सुखली नदी के पास घर के आंगन में सो रहे दंपती पर अज्ञात लुटेरों द्वारा मारपीट जानलेवा हमले चोरी की घटना को लेकर मृतका के भाई ने धरियावद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद घायल कंकूबाई की उदयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस संबंध में मामले की संदिग्धता को देखते हुए पुलिस की टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, पुलिस उप अधीक्षक संदीपकुमार के नेतृत्व में धरियावद थाना सीआई प्रदीप कुमार, सालमगढ़ थाना अधिकारी पेशावर खान के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा प्रकरण की गंभीरता को ध्यान रखते हुए धरियावद कस्बे में लगे सीसीटीवी फुटेज एवं कस्बे में आने-जाने वाले अलग-अलग मार्गों पर फुटेज चेक करवाए गए। इसके साथ ही जिला साइबर सेल टीम द्वारा घटना स्थल में आसपास के मुख्य स्थानों की बीटीएस निकलवाई। अन्य मामलों में संदिग्धों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतका कंकू का पति कालू मूल रूप से करजू मोड़ बड़ीसादड़ी का रहने वाला है। जो करीबन 8 से 10 साल से धरियावद में अपने ससुराल में रह रहा है। कालू अपनी पत्नी को अपने गांव करजू मोड़ पर रहने के लिए आए दिन झगड़ा करता था। लेकिन कंकू अपने पति की बात को नजर अंदाज करती थी। इसी बात को लेकर दंपती में आए दिन मनमुटाव चल रहा था। कालू विगत लंबे समय से अपनी कंकू की हत्या की योजना बना रहा था। जिसके डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज में मिले सबूत के आधार पर कालूलाल एवं उसके 11 वर्षीय लड$के संजू से प्रारंभिक पूछताछ भी की। पूछताछ के दौरान अभियुक्त कालू एवं उसके पुत्र के बयान में काफी विरोधाभास नजर आया। वहीं कालू की गतिविधियां भी काफी संदिग्ध पाई गई। इस पर कालू को गिरफ्तार किया। कंकू के साथ उदयपुर नहीं गया आरोपी कालू
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद गंभीर रूप से घायल कंकू को उदयपुर रैफर किया गया। तब आरोपी कालू उसके साथ नहीं गया। इस दौरान घायल महिला के साथ उदयपुर पहुंचे पुलिस टीम में शामिल सालमगढ़ थाना अधिकारी पेशावर खान ने मामले के सभी एंगल की जांच की। लूट की दर्ज रिपोर्ट में कालू एवं उसकी पत्नी के शरीर पर चोट के निशान की बात कही गई थी। लेकिन जांच में पुलिस को कालू के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले। साथ ही लूट की वारदात के दौरान बच्चे का नहीं उठना भी पुलिस जांच में अहम साबित हुआ। पुलिस को गुमराह के लिए किए तीन दर्जन कॉल
वारदात के बाद आरोपी कालू ने पुलिस को गुमराह करने के लिए उसी रात्रि को अलग-अलग नंबरों पर करीबन 3 दर्जन से अधिक कॉल किए। लेकिन उनमें से एक भी कॉल उसने पुलिस को नहीं किया। आरोपी कालू जब भी बाहर जाता तब पुलिस के कुछ जवानों को सुखली नदी पर गश्त करने की बात बोलता था। लेकिन घटना के दिन ऐसा नहीं किया।