
Pratapgarh News: प्रतापगढ़ शहर में गत दिनों से पतंग उड़ाने में मांझे का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में कई पक्षियों के लिए चाइनीज मांझा मुसीबत बना हुआ है। इससे रोजाना पक्षी घायल हो रहे है। शहर में बुधवार को सुबह एक उल्लू घायल अवस्था में मिला। इसकी सूचना पर्यावरणप्रेमी मंगल मेहता एवं पीयूष शर्मा को मिली। इस पर वह धाईजी दरवाजा पहुंचे। जहां उल्लू के पंख चाइनीज मांझे के कारण कटे हुए थे। पतंग उड़ाने वाले चाइनीस मांझे के कारण पंखों पर कटने के चोट के निशान थे। इस पर उल्लू को वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर में लाया गया। जहां क्षेत्रीय वन अधिकारी दारासिंह राणावत व स्टाफ के साथ जितेंद्र लोहार पशुधन सहायक ने उपचार किया। इसे अभी रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।
दुर्लभ है ब्राउन ऑउल
इसे हिंदी में करेल, लक्ष्मी उल्ल, खलिहान उल्लू कहा जाता है। दिखने में उजले सफेद रंग का यह खूबसूरत उल्लू काफी आकर्षक है। उल्लू प्रजाति में सबसे शांत और सीधे स्वभाव का है। जो कांठल में अब कम ही दिखाई देता है। इसका आकार बड़ा और चपटे, बड़े दिलाकार चेहरे का होता है। इस उल्लू की आवाज भी डरावनी होती है। कई तरह की आवाज निकालने में सक्षम होता है।
Published on:
11 Jan 2024 12:28 pm
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