
हरिहर महायज्ञ की हुई पूर्णाहुति
सात दिवसीय आयोजन में यज्ञ में दी आहुतियां
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प्रतापगढ़.
श्री ब्रह्मज्योति संस्थान की ओर से एक कुण्डात्मक सप्त दिवसीय हरिहर महायज्ञ की पूर्णाहुति बुधवार को हुई। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने आहुतियां दी। गुरुकुल के शांतिलाल मेनारिया गंधेर, कमल भारद्वाज बसेरा, सुनील व्यास ताज खेड़ी, पवन शर्मा बूढ़ा ठकरावद, दीनबंधु व्यास सूठी ने सप्त दिवसीय हरिहर महायज्ञ संपन्न कराया।
श्री ब्रह्म ज्योति संस्थान के प्रवक्ता दिपेश आमेटा ने बताया कि श्री ब्रह्म ज्योति वैदिक गुरुकुल दीपनाथ महादेव मंदिर परिसर में सप्त दिवसीय हरिहर महायज्ञ में शुक्रवार को
दिवस पर प्रद्युमन शर्मा, जितेंद्र शर्मा, नवीन शर्माए के द्वारा हवन किया गया संस्थान के सदस्य, पंडित सुनील व्यास अरनोद, मनीष रावल, आशीष शर्मा, श्याम पुरोहित, रवि मेहता, आशुतोष शर्मा, नितिन शर्मा द्वारा यज्ञ नारायण की आरती की गई।
श्री ब्रह्म ज्योति वैदिक गुरुकुल के आचार्य पंडित दिनेश द्विवेदी ने बताया कि सप्त दिवसीय हरिहर महायज्ञ का अनुष्ठान बुधवार को पूर्ण हुआ। जिसमें हवन के बाद पूर्णाहुति की गई।
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रोकडिया हनुमान मंदिर पर चढ़ाई ध्वजा
प्रतापगढ़. प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री रोकडिया हनुमान मंदिर पर ध्वजा चढ़ाई गई। यहां बुधवार को ध्वजा चढ़ाने में ताराचंद सुथार एवं परिवार की भागीदारी रही। इस मौके पर मंदिर में पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। पुजारी भंवरलाल व्यास ने बताया कि यहां प्रत्येक माह की अमावस्या एवं पूर्णिमा को यह आयोजन होता है।
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मोखमपुरा.
निकटवर्ती मचलाना स्थित श्रीराम गुरु गौशाला हनुमान घाटी में भागवत कथा में कृष्ण सुदामा मिलन का वृत्तांत सुनाया गया। इस मौके पर जीवंत झांकी सजाई गई। जिसमें कई गांवों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्री राम स्नेही संप्रदाय बड़ा रामद्वारा चांदपोल जोधपुर के संत हरिराम कथा का वाचन कर रहे है। उन्होंने बताया कि घर में कभी भी नारी का अपमान नहीं होना चाहिए। अगर नारी शक्ति का अपमान हो रहा है तो मानो स्वयं मां शारदा मां लक्ष्मी और मां महागौरी का अपमान होता है। नारी का धर्म होता है कि पति के विपत्ति के समय पति का साथ देना। इसी क्रम में कृष्ण सुदामा का चरित्र चित्रण किया। बताया कि भगवान कृष्ण और सुदामा का मिलन द्वारका में हुआ था। इस मौके पर संत ने मार्मिक दृष्टांत दिया कि सभी के जीवन में अपना मित्र होता है। जिसको व्यक्ति अपने मन की बात बताता है और मित्र ही उसका साथ देता है। भगवान कृष्ण सुदामा के मिलन और चरित्र पर सभी श्रोताओं के अश्रु धारा बह निकली। संत ने बताया कि इस चरित्र को जो कहता है, सुनता है, पूछता है, उसके जीवन में कभी भी दरिद्रता नहीं आती है। भागवत कथा का श्रवण कर रहे राजा परीक्षित को सातवें दिन तक्षक नाग द्वारा डसा गया। तत्पश्चात राजा परीक्षित मोक्ष गति को प्राप्त हुए। समापन के मौके पर महंत परमेश्वरदास, अन्नपूर्णा मठ चित्तौडग़ढ़ दुर्ग एवं सुखराम भरतपुर, रामजी राम आलोट, पंडित संदीप शर्मा एवं पंडित मुकेश शास्त्री उज्जैन भी मौजूद रहे। आदि कथा में आसपास के श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। कथा की पूर्णाहुति शुक्रवार को होगी।
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Published on:
31 Dec 2020 09:30 am
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