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जीवन प्रशस्त करती है राम कथा- उत्तम स्वामी

-राम कथा का हो रहा आयोजन

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जीवन प्रशस्त करती है राम कथा- उत्तम स्वामी

जीवन प्रशस्त करती है राम कथा- उत्तम स्वामी

प्रतापगढ़. ंचरितं रघुनाथस्य, कैकक्षरम महापातक नाशनम’ श्रीराम कथा जीवन का मार्ग निष्कंटक कराती है। राम का नाम मोक्ष का मार्ग खोलता है। पाप कर्म, संस्कार पूर्वजन्म के भी साथ रहते हैं लेकिन कुसंस्कार और सुसंस्कार क्या अपनाना है, ये सुबुद्धि रामकथा देती है। शुक्रवार को आठवे दिन की श्रीराम कथा का प्रारंभ हजारों श्रद्धालुओं की संगीतमय श्री हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ। ध्यान योगी उत्तम स्वामी ने कथा में संस्कार की सीख पर महत्ता दी। सुसंगत ही आपके जीवन में सुख शांति देती है। स्वयं के दुखों को छुपाकर दूसरों के दुख समाप्त करना ही राम कथा है। राम कथा का एक पंक्ति में सारांश यही है। उतम स्वामी ने कहा कि आपसे जप, तप, पूजा, दर्शन, यात्रा नहीं हो, मत करो , सिर्फ सत्य को ही अपना लो, सत्य ही सबसे बड़ा तप है। झूठ बंद करदो।
जनम जनम रति राम पद... भरत ने ये प्रार्थना की। भजन-मेरे मन में है राम मेरे तन में है राम... पर भक्तों ने नृत्य किया। आज इसके विपरीत हो रहा है। मन मे द्वेष ईŸया जलन है। घर घर में राम हो। पर घर घर में रावण, कैकयी, मंथरा है। तब फिर आपको सुख शांति खुशहाली कैसे मिलेगी।
राम भरत लक्ष्मण शत्रुघ्न के आपसी प्रेम सौहाद्र्र की सीख भाइयों को दी। अत्रि अनुसूया के प्रसंग में उत्तम स्वामी ने कहा- एक नारी के सतीत्व की शक्ति देखो- अनुसूया ने जगत विधाता, जगत पालक और महाकाल ब्रह्मा विष्णु महेश को नवजात शिशु बना दिया। अपना पति ही सर्वस्व मान कर पति व्रत का पालन करने वाली नारी की शक्ति अमोघ होती है। पुरुषों में संयम बरतने वाले भी गृहस्थ संत की तरह होते हैं। और कामान्ध शूर्पणखा जैसे रावण के वंशज है। खरदूषण वध, मारीच स्वर्ण मृग , रावण द्वारा सीता हरण, सीता के लिए पक्षी जटायु की ओर से रावण से संघर्ष, अशोक वाटिका में सीता माता को सुरक्षित पहुंचाना, राम लक्ष्मण द्वारा सीता की खोज, के बाद शबरी माता की तपस्या, चित्रकूट के घाट घाट पर भीलनी जोवे वाट....... भजन पर भक्त जन भक्ति से सराबोर होकर नृत्य करने लगे। हनुमान जी द्वारा ब्राह्मण रूप में राम लक्ष्मण को मिलना सुग्रीव से भेंट के प्रसंग सुनाए।
रासलीला के कलाकारों ने राधारानी झूला झूले... पर गोपियां, कृष्ण, राधा, बनकर शानदार नृत्य किया। मयूरी नृत्य के बाद भजन- चित्रकूट के घाट घाट पर भीलनी जोवे वाट ... पर नृत्य प्रस्तुत किया। आओ रे सांवरिया.... ओर आज बिरज में होरी रे रसिया.... पर राधा , गोपियों कृष्ण ने फूलों से होली खेलते हुए बरसाने की लाठी मार होली का प्रस्तुतिकरण मंच पर किया तो दर्शक झूमने लगे। इसके बाद लड्डू गोपाल की मूर्ति और मंदिर की झांकी की प्रस्तुति हुई तो दर्शकों ने तालियां बजाकर लड्डू गोपाल, बांके बिहारी के जय जयकार से पांडाल गूंज उठा। रामदास त्यागी राम बाबा ने कृष्ण पर फूलों की वर्षा करते हुए आरती की। शनिवार को सुबह साढ़े 10 बजे प्रारम्भ होकर पूर्णाहुति होगी। कल रात को 8 बजे नीता जिमी एंड पार्टी द्वारा भजन संध्या का आयोजन होगा।