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प्रतापगढ़

सरसों की हुई बुवाई, दलहन और गेहूं की तैयारी

Sowing of mustard, preparation of pulses and wheat

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खेतों में हंकाई और बुवाई का दौर
सरसों की बुवाई के बाद फसल में हो रही सिंचाई
प्रतापगढ़.
जिले में इस बार अक्टूबर के पहले पखवाड़े में बारिश हुई। ऐसे में खरीफ की फसल समेटने में समय लगा। वहीं खेत खाली हो गए है। जिससे किसानों ने खेतों में सरसों की बुवाई की है। इसके बाद अब गेहंू, दलहन, मैथी आदि की बुवाई के लिए तैयारी में जुट गए है। इसके साथ ही सरसों की फसल में इन दिनों सिंचाई का दौर चल रहा है।
गौरतलब है कि जिले में इन दिनों रबी की बुवाई जारी है। इससे पहले किसानों ने सरसों की बुवाई पूरी कर ली है। इसमें भी अब सिंचाई की जा रही है। जबकि दलहन, गेहूं, मैथी आदि बुवाई की जा रही है। जिले में इस वर्ष सरसों की बुवाई करीब दस हजार हैक्टेयर में हुई है। जबकि अन्य फसलों की बुवाई की तैयारी की जा रही है।
खेतों में नमी, मसूर, चना की बुवाई
इन दिनों खेतों में नमी बनी हुई है। ऐसे में किसानों को कृषि विभाग की ओर से मसूर और चना बुवाई की सलाह दी गई है। कई किसानों ने नमी को देखते हुए चना और मसूर की बुवाई की है। विभाग की ओर से इस वर्ष चना का रकबा 30 हजार हैटेयर रखा है। इसी प्रकार मसूर का रकबा 6 हजार हैक्टेयर किया है।

जिले के पहाड़ी इलाकों में परम्परागत खेती
जिले में दूरस्थ इलाकों में आज भी परम्परागत रूप से बैलों से बुवाई की जा रही है। जिले में अधिकांश किसानों को पास मवेशी है। ऐसे में बैलों से खेती की जा रही है। इन दिनों इलाकेे में चना, मसूर की बुवाई की जा रही है।
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जिले में बुवाई की स्थिति
फसल गत वर्ष इस वर्ष का लक्ष्य
गेहूं 56530 70000
जौ 3420 2000
चना 22000 30460
मसूर 4900 6000
सरसों 15600 10000
तिलहन 2030 4000
अन्य 29100 30000
कुल 139900 144000
(आंकड़े कृषि विभाग के अनुसार)
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– हो चुकी सरसों की बुवाई, अन्य फसलों की तैयारी
इन दिनों जिले में सरसों की बुवाई हो चुकी है। ऐसे में अब किसान खेतों में दलहन और गेहूं की बुवाई में जुटे हुए है। वहीं वहीं इस बार गेहंू का रकबा भी बढ़़ाया गया है। इसके साथ ही कई किसान औषधीय फसलों की भी बुवाई करने में जुटे हुए है।
–गोपालनाथ योगी, उप निदेशक, कृषि विस्तार, प्रतापगढ़