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प्रतापगढ़ जिले के विद्यार्थी संस्कृत में होंगे पारंगत

खुला संस्कृत महाविद्यालय: 10 अगस्त तक होंगे प्रवेश

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प्रतापगढ़ जिले के विद्यार्थी संस्कृत में होंगे पारंगत

प्रतापगढ़ जिले के विद्यार्थी संस्कृत में होंगे पारंगत

अधिकारियों ने किया दौरा
12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी ले सकते हैं प्रवेश
प्रतापगढ़. संस्कृत का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य के तहत राज्य सरकार की ओर से यहां जिला मुख्यालय पर स्वीकृत इसी वर्ष स्वीकृत हुए संस्कृत महाविद्यालय का संचालन हाल ही में शुरू किया गया है। यहां अभी भवन के अभाव में निकटवर्ती मनोहरगढ़ स्थित राउमावि के खाली भवन में संचालित किया गया है। यहां संस्कृत महाविद्यालय खुलने से जिले के विद्यार्थी संस्कृत में पारंगत हो सकेंगे। इसके लिए प्रवेश शुरू हो गए है। यहां प्रवेश के लिए 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश ले सकते है। इसमें प्रवेश के लिए 10 अगस्त तक अंतिम तिथि तय की गई है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की बजट घोषणा सत्र 2023-24 के अनुसार प्रतापगढ़ में भी राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय स्वीकृत हुआ है। इसे इसी सत्र से शुरू करने के तहत संचालित किया जा रहा है। अभी यहां जिला मुख्यालय पर भवन नहीं होने से इसे निकटवर्ती अरनोद रोड स्थित मनोहरगढ़ में राउमावि भवन में अस्थाई रूप से शुरू किया गया है। यहां संचालन के लिए भवन में अधिकारियों ने दौरा किया। इस भवन का मौका-मुआयना किया गया। जिसमें 10 अगस्त तक इसमे प्रवेश के लिए मौका दिया गया है। अभी यहां प्रथम वर्ष के लिए प्रवेश होने पर अध्यापन कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रथम वर्ष में होगा नामांकन
यहां महाविद्यालय में इसी सत्र में शास्त्री प्रथम वर्ष में नामांकन शुरू किया गया है। यहा पाठ्यक्रम बीए लेवल की है। इसमें तीन वर्ष के बाद आचार्य के लिए प्रवेश के योग्य हो जाता है। आचार्य एमए लेवल की होगी। इसके साथ ही कोई शिक्षा शास्त्री करना चाहता है तो वह बीएड की डिग्री कहलाएगी। बसाड़ में बनेगा महाविद्यालय का भवन
जिला मुख्यालय पर स्वीकृत संस्कृत महाविद्यालय के लिए भवन की स्वीकृति बसाड़ में हुई है। यहां 1.30 हैक्टेयर भूमि स्वीकृत हुई है। यहां आगामी वर्ष बजट आवंटन होने पर भवन का कार्य शुरू किया जाएगा। तब तक यह अस्थाई रूप से अन्य भवन में संचालित होगा। गौरतलब है कि जिले में वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय 60 किलोमीटर दूर टामटिया गांव में स्वीकृत है। वर्तमान में यहां छात्र संख्या को बढ़ावा देने के लिए विभागीय प्रयास किए जा रहे है।
महाविद्यालय में संचालन के लिए हुई बैठक
मनोहरगढ़ में खुले संस्कृत महाविद्यालय संचालन के लिए बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिसमें विभागीय अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण शर्मा, प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार झा, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामचन्द्र मोची, गांव के यशोवर्धन शर्मा, बाबूलाल मीणा, शंकरलाल, महेन्द्र, गौतमलाल आदि मौजूद रहे। प्रवेश को लेकर हुई बैठक में ग्रामीणों ने भाग लिया। जिसमें विद्यार्थियों ने संस्कृत पढऩे के लिए प्रवेश की इच्छा जताई।


शुरू किया है महाविद्यालय, ले सकते हैं प्रवेश
प्रतापगढ़ में संस्कृत महाविद्यालय स्वीकृत होने के बाद इसी सत्र से संचालन किया जाएगा। इसे भी मनोहरगढ़ में संचालित किया जा रहा है। इसमें प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रवेश के लिए इच्छुक विद्यार्थी यहां आकर सम्पर्क कर सकते है। इसके लिए अभी 10 अगस्त तक तिथि तय की गई है। इसमें 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण 40 प्रतिशत से अधिक वाले प्रवेश ले सकते है। इसमें मुख्य रूप से संस्कृत विषय में साहित्य और व्याकरण का पाठ्यक्रम संचालित होगा। इसके साथ ऐच्छिक विषय ङ्क्षहदी, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी व पर्यावरण शिक्षा का भी अध्ययन होगा।
डॉ. रणजीत कुमार झा, प्राचार्य, राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय, प्रतापगढ़.