17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आबादी भूमि का स्वामित्व योजना : आबादी भूमि का सर्वे अब ड्रोन से शुरू

प्रथम चरण में अमलावद, खडिय़ाखेडी, धामलिया, बमोतर, हिंगोरिया के राजस्व गांवों में किया सर्वे

2 min read
Google source verification
Survey of population land now started with drone आबादी भूमि का सर्वे अब ड्रोन से शुरू

Survey of population land now started with drone आबादी भूमि का सर्वे अब ड्रोन से शुरू

प्रतापगढ़. आबादी भूमि का स्वामित्व योजना के तहत सर्वे अब ड्रोन से शुरू किया गया है। इसके लिए प्रतापगढ़ जिले में प्रथम चरण शुरू हो गया है। प्रथम चरण में प्रथम चरण में अमलावद, खडिय़ाखेडी, धामलिया, बमोतर व हिंगोरिया के राजस्व गांवों में सर्वे किया गया। स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि का भारतीय सर्वेक्षण विभाग जयपुर, पंचायतीराज विभाग एवं राजस्व के संयुक्त तत्वावधान में ड्रोन सर्वे की शुरुआत ग्राम पंचायत अमलावद से किया गया। इन गांवों में ड्रोन सर्वे भारतीय सर्वेक्षण विभाग जयपुर द्वारा किया गया। स्वामित्व योजना के शुरूुआत पर राजस्व गांव अमलावद में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी दिनेशचन्द्र मण्डोवरा, विकास अधिकारी पवनकुमार तलाईच, भारतीय सर्वेक्षण विभाग जयपुर के अधिकारी अशोककुमार गुप्ता, तहसीलदार सतीशचन्द्र पाटीदार, सहायक विकास अधिकारी तुलसीराम मीणा, पंचायत समिति सदस्य गोपाल जोशी, सरंपच अमलावद माया मीणा, ग्राम विकास अधिकारी सिद्धार्थ बैरागी, पटवारी निलेश राठौड, उपसरपंच श्यामलाल माली, दिनेश शर्मा, वार्ड पंच एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
बिना दस्तावेज वालों को फायदा
कई गांवों में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं। जिनका आबादी भूमि पर कई वर्षों से स्वामित्व तो है। लेकिन उनके पास भूखंड से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है। लेकिन अब सर्वे के बाद खाली भूखंड एवं भवन निर्माण की जानकारी राजस्व रिकॉर्ड में नंबरिंग सहित मानचित्र पर दर्ज की जाएगी। जिससे भूमि मालिकों को भूखंड़ों का रिकॉर्ड में स्वामित्व मिल जाएगा।
ड्रोन देखने के लिए कौतुहल
स्वामित्व योजना के अंतर्गत राजस्व गांव की आबादी भूमि का ड्रोन कैमरे से हवाई सर्वे अमलावद में शुरू किया गया। सर्वे के लिए ड्रोन ने जैसे ही उड़ान भरी तो लोगों में कौतूहल का विषय बन गया। कई लोग ड्रोन को देखने पहुंचे। ग्रामीणों एवं बच्चों में ड्रोन सर्वे को देखने की होड़ मच गई। टीम द्वारा गांव में ड्रोन कैमरे से आबादी भूमि का हवाई सर्वे शुरू किया गया। ड्रोन से सर्वे के दौरान आबादी क्षेत्र की भूमि के फोटो लिए गए। जिन्हें राजस्व रिकार्ड के मानचित्र में दर्ज किया जाएगा। पंचायतों में आबादी भूमि का हवाई सर्वे करवाकर प्रत्येक गांव का मानचित्र तैयार किया जाएगा। यदि किसी भी व्यक्ति को स्वयं के भूखंड को लेकर कोई आपत्ति है। वह निर्धारित समय में पंचायत में आपत्ति दर्ज करवा सकेगा।