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प्रतापगढ़

गर्मी बढ़ने के साथ सुलगने लगे जंगल

वन विभाग की सतर्कता से समय पर पाया काबू

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सेेटेलाइट से मिल रही आग की सूचना
प्रतापगढ़. जिले में गत दिनों से बढ़ रही गर्मी के कारण अब फिर से जंगल में आग की घटनाएं बढऩे लगी है। ऐसे में जहां वन सम्पदा को नुकसान होने लगा है। वहीं वन विभाग और वन सुरक्षा समितियों की मशक्कत भी काफी बढ़ गई है। हालांकि सेेटेलाइट सिस्टम से समय पर आग के अलर्ट मिलने से काबू पाया जा रहा है। गौरतलब है कि जिले में गत सप्ताह से ही गर्मी का असर एकाएक बढ़ गया है। तापमान में बढ़ोतरी हो गई है। इसका असर जंगल में भी होने लगा है। तापमान बढऩे से आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। जंगल में आग से जंगल में भी बहुमूल्य पेड़ और औषधि वनस्पति आग में खाक हो रही है। जिससे काफी ङ्क्षचता हो रही है। हालात यह है कि एक ही दिन में कई स्थानों पर आग की सूचनाएं मिल रही है। जिससे वन विभाग की टीम के साथ वन सुरक्षा समितियों के सदस्य भी आग बुझाने में जुटे हुए है। जिले में रविवार को भी जंगल में चार जगह आग लगी। इसकी सूचना वन विभाग को सेटेलाइट के जरिए अलर्ट मिला। इस पर वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। इसके साथ ही आग की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर है।
जिले में यहां लगी आग
प्रतापगढ़ जिले में रविवार को चार स्थानों पर आग लगी थी। धरियावद के काला खेत, प्रतापगढ़ क्षेत्र के रामपुरिया, पीपलखूंट के प्रतापगढ़ रोड के किनारे और छोटीसादड़ी के साटोला के जंगल में आग लगी। इस पर वन विभाग की ओर से आग पर काबू पाया।
कई कारणों से लग रही आग
इन दिनों गर्मी की अधिकता से जंगल में आग की घटनाएं बढ़ रही है। हालांकि आग लगने के कारणों को कोई ठोस नतीजे पर अभी र्कोई नहीं पहुंचा है। लेकिन कुछ मुख्य कारण है, जो अभी तक सामने आए है। इनमें कभी नासमझी में जंगल से गुजरते कोई लोग जलती बीड़ी इत्यादि डाल देता है। जिससे आग लग जाती है। वहीं वन अधिकार अधिनियम के तहत भी अतिक्रमण के कारण आग लगाई जाती है।
बढ़ गई है आग की घटनाएं, सतर्कता के निर्देश
जिले में हाल ही में आग की घटनाएं बढ़़ गई है। सभी जगह समय रहते वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। बीच में बारिश से काफी राहत मिली थी। परंतु ये आग की घटना फिर से शुरू हो गई हैं। लोगों को जंगल में जलती हुई चीज नहीं फेंकी चाहिए। अगर कोई ऐसा करता हुआ पकड़ा जाता है तो 6 महीने की सजा का प्रावधान है।
सुनीलकुमार, उपवन संरक्षक,