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रोहित ठाकुर हत्याकांड में तीन और आरोपी गिरफ्तार

रोहित ठाकुर मर्डर हत्याकांड में तीन और आरोपी गिरफ्तार

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रोहित ठाकुर हत्याकांड में तीन और आरोपी गिरफ्तार

रोहित ठाकुर हत्याकांड में तीन और आरोपी गिरफ्तार

प्रतापगढ़. शहर मेंं रोहित ठाकुर हत्याकांड में गिरफ्तार अभियुक्त अरुण सिंह से गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले खुलासा करते हुए हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपी अरुण सिंह की मां केसर कंवर, पत्नि पूजा कंवर व भाई प्रहलाद सिंह को भी बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि अब तक अनुसंधान से सामने आया की केसर कंवर व इनके पुत्रों पर काफी कर्ज था। घर के तीन कमरे भी गिरवी थे औरी ये मात्र एक चौक व पडसाल में जीवन व्ययतीत कर रहे थे। केसर कंवर महिला समूह की सदस्य थी। उसके घर पर ही महिलाओं की मिटींग होती थी और वहीं पर रूपयों का कलेक्शन होता था। उन रूपयों को प्रति दूसरे मंगलवार को रोहित ठाकुर आकर इक_ा कर ले जाता था। केसर कंवर ने 15 सितंबर को अपने छोटे बेटे प्रहलाद व बहु पूजा कंवर के साथ योजना बनाई की 17 तारीख को मंगलवार है और पैसे लेने रोहित ठाकुर आएगा तो उसको मारकर ये पैसा ले लेंगे। इसी योजना को क्रियान्वित करने के लिए 17 सिंतबर को सुबह योजना में अपने बड़े बेटे अरुण सिंह को भी शामिल किया। उसी दिन सुबह 10-11 बजे समूह की महिलाएं केसर कुंवर के घर पर आई और रोहित ठाकुर भी आया। समूह की औरतें पैसे एकत्रित कर केसर कुंवर को देकर चली गई। उस समय रोहित ठाकुर केसर कुंवर के घर पर ही था पैसे भी पूरे 9,010 रूपये इकठे हो गए थे, लेकिन केसर कुंवर एवं उनके पुत्रोंं ने योजना के मुताबिक 300 रुपये कम देते हुए रोहित ठाकुर को कहा की और बाकी कलेक्शन करके आ जाओ एवं घंटे भर बाद 300 रुपये यहां से लेते जाना। जिस पर एक घंटे बाद रोहित वापिस केसर कुंवर के घर आया उस वक्त घर पर केसर कुंवर, अरुण सिंह, प्रहलाद सिंह एवं पूजा कुंवर थी। रोहित के आते ही उसे कुर्सी पर बैठाकर पूजा कंवर 300 रुपये लाने के बहाने पानी का गिलास लेकर रोहित ठाकुर को पिलाने आई। इतने में पीछे से अरुण सिंह ने रोहित के गले में रस्सी का फंदा डाल खींच लिया। प्रहलाद सिंह ने उसके हाथ पकडे और पूजा कंवर ने उसके पैर पकड।़े उसके बाद में आगे वाले पडसाल में ले जाकर चटाई पर लेटाया तथा तब तक गर्दन में रस्सी डालकर खींचते रहे तब तक की उसकी मृत्यु नहीं हुई। उसके बाद रोहित ठाकुर के हाथों को व पैरों को बांध कर खेत की तरफ पिछवाडे में बडी घास के अंदर लेटा दिया और अरूण सिंह ने अपनी मां को ईशारा कर घर में बुला लिया फिर अरुण सिंह के बैग में जो पैसे थे, वो निकाल लिए। बैग एवं अन्य कागजात को तगारी में रख जला दिया तथा रोहित ठाकुर के टेबलेट एवं मोबाईल को सर्किट हाउस से आगे फेंक दिया। मोटरसाईकिल को होस्पीटल की पार्किंग में चुपके से बिना पर्ची कटाएं खड़ा कर दिया। अंधेरा होने के बाद मनीष किराणा स्टोर से एक एक किलो की चार नमक की थैली लेकर आए एवं शाम को 8 -9 बजे के लगभग जब अंधेरा हो गया तब घर के पीछे स्थित एक खेत छोडकऱ आगे वाले खेत में अरुण सिंह व प्रहलाद रोहित ठाकुर की लाश को लेकर गए। जहां गडढा खोदकर लाश को रखकर उस पर नमक डालकर मिट्टी डाल भर दिया। दूसरे दिन सुबह जल्दी अरूण सिंह उठा और हॉस्पिटल में खड़ी मोटरसाइकिल को लेकर गठेला अपनी बुआ के घर छोड आया । मुखबीर की सूचना पर मोटरसाइकिल बरामद होते ही पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया और घटना में शामिल अरूण सिंह, प्रहलाद सिंह, पूजा कुंवर, केसर कुंवर को गिरफ्तार कर लिया। अरुण सिंह को न्यायालय में पेश कर तीन दिन पुलिस रिमांड पर प्राप्त किया है। अन्य तीन अभियुक्तों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा ।