प्रतापगढ़. ग्राम विकास अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार से कलमबंद आंदोलन शुरू किया है। इसके तहत जिलेभर में कार्य का बहिष्कार किया गया। वहीं मांगों को लेकर विकास अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। राजस्थान सरकार के पूर्व में ग्राम विकास अधिकारियों के संगठन से लिखित समझौते को लेकर वादा खिलाफी करने से प्रदेश के आह्वान पर समस्त राजस्थान में आक्रोश असहयोग आंदोलन का आगाज गुरुवार से किया गया। जिसमें पंचायतों में किसी भी प्रकार का कोई राजकीय कार्य नहीं किया गया। ग्राम पंचायतों के संपूर्ण कामकाज का बहिष्कार कर दिया है। पंचायत समिति मुख्यालयों पर सभी ग्राम विकास अधिकारी काले कपड़े पहनकर अपनी कलम को एक कलश में रखकर उसके मौली बांध दिया। समस्त प्रकार के भुगतान के लिए ई-डोंगल पंचायत अलमारियों की चाबी भी पदाधिकारियों को सुपुर्द कर दिए हैं। पंचायत समिति मुख्यालयों पर संकल्प पत्र विकास अधिकारियों को सुपुर्द किया। संगठन के जिला अध्यक्ष घनश्याम गायरी, संभाग मंत्री अब्दुल हकीम मंसूरी, जिला मंत्री राधेश्याम धाकड़ ने बताया कि राजस्थान प्रदेश सरपंच संघ भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। ग्राम विकास अधिकारी सरपंच संघ के साथ खड़ा है। मांगे पूरी होने तक तक आंदोलन जारी रहेगा।
अरनोद. उपशाखा अरनोद के ग्राम विकास अधिकारियों ने कलम बंद, असहयोग आंदोलन शुरू किया। इसके संबंध में विकास अधिकारी संपतलाल खटीक को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया कि राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के नेतृत्व एव संघ के आह्वान पर सरकार के लिखित समझौते करने के बावजूद लागू नहीं किया गया है। इस पर गुरुवार से पूर्ण कलमबंद असहयोग आंदोलन किया जा रहा है। इसके तहत किसी भी ग्राम विकास अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार की कोई सूचना एवं किसी भी योजना की प्रगति नहीं दी जाएगी। कलमबंद असहयोग आंदोलन के दौरान किसी भी योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर ग्राम विकास अधिकारी कोई जवाबदारी नहीं होगी। ज्ञापन देने में अरनोद पंचायत समिति के ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे।