
कांठल में काले सोने की फसल पर खिलने लगे सफेद फूल
छोटीसादड़ी. कांठल का काला सोना कही जाने वाली अफीम की फसल पर इन दिनों सफेद फूल खिलने लगे है। प्रमुख नकद फसल अफीम अब खेतों में किसानों ने सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। शीतलहर एवं पशु-पक्षियों से अफीम की फसल को नुकसान ना हो, इसके लिए किसानों ने खेतों में सुरक्षा की जाली लगा दी है। वहीं साडिय़ों को भी खेत के चारों तरफ बांधकर ठंडी हवा को सीधे फसल पर लगने से रोका जा रहा है। किसानों ने खेतों में बांस और रस्सियां बांधना शुरू कर दिया हैं। ताकि हवा से पौधो को नुकसान नहीं हो। सर्दी में अधिकांश किसान रात खेतों पर ही गुजार रहे हैं। इसके अलावा अफीम के खेत की सुरक्षा के लिए भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रोजड़ों से बचाव के लिए चारों तरफ जाली लगा रहे हैं। वहीं अफीम आने के बाद तोते नुकसान करते है, इसी को देखते हुए कई किसानों ने पूरे खेत में तोतों से रक्षा के लिए ऊपर नेट भी बांध रहे हैं। वहीं किसान सुरक्षा की जाली लगाने में जुटे हुए है। इसके अलावा पानी सहित किसी भी मामले में भी खर्च की कमी नहीं रख रहे हैं। अभी तक अफीम फसल के लिए मौसम अनुकूल रहा है। तापमान में भी लगातार बदलाव हो रहा है। इसके कारण भी किसान अफीम की फसल को लेकर अधिक सतर्क है। वही मलावदा गांव के एक किसान के खेत में बहुमूल्य अफीम की फसल पर सफेद फूल खिलने से किसानों में खुशी है।
साढ़े 17 सौ 66 सीपीएस पद्धति, 6716 में लगेगा चीरा
जिले में नारकोटिक्स विभाग की ओर से वर्ष 2022-23 के लिए लाइसेंस वितरित किए गए है। इसके तहत जिले के प्रतापगढ़ खंड में 4 हजार 628 किसानों को लाइसेंस दिए गए है। इसमें से चीरा लगाने के किसानों की संख्या 3 हजार 426 है। जबकि सीपीएस पद्धति के तहत एक हजार 202 किसान है। वहीं दूसरी ओर छोटीसादड़ी खंड में कुल 3 हजार 854 किसानों को लाइसेंस दिए गए है। इसमें चीरा लगाने वाले किसानों की संख्या 3 हजार 290 है। जबकि सीपीएस पद्धति में 564 है।
यह है जिले में अफीम बुवाई का आंकड़ा
खंड चीरा के लाइसेंस सीपीएस कुल लाइसेंस
प्रतापगढ़ 3426 1202 4638
छोटीसादड़ी 3290 564 3854
कुल 6716 1766 8482
Published on:
09 Jan 2023 09:12 am
बड़ी खबरें
View Allप्रतापगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
