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सरकारी मुकदमों की पैरवी के लिए 12 अपर महाधिवक्ता नियुक्त, इलाहाबाद और लखनऊ दोनों पीठों में तैनाती

उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उसकी लखनऊ खंडपीठ में 12 अपर महाधिवक्ताओं की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा विशेष सचिव लोकेश नागर द्वारा जारी आदेश के माध्यम से की गई है।

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Allahabad High Court

Allahabad High Court

सरकार की ओर से नामित ये अपर महाधिवक्ता विभिन्न मामलों में राज्य का पक्ष मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखेंगे। इन 12 अपर महाधिवक्ताओं में से सात अधिवक्ता मुख्यालय इलाहाबाद उच्च न्यायालय से संबद्ध रहेंगे, जबकि पांच अधिवक्ता लखनऊ खंडपीठ में कार्यरत रहेंगे। इन अधिवक्ताओं को न्यायिक मामलों की बारीकियों में दक्ष माना जाता है और सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव और विशेषज्ञता से सरकारी मुकदमों की पैरवी और अधिक प्रभावी होगी।

सात अधिवक्ता मुख्यालय इलाहाबाद उच्च न्यायालय से संबद्ध

इलाहाबाद उच्च न्यायालय से संबद्ध जिन सात अधिवक्ताओं को नियुक्त किया गया है, उनमें दुर्ग विजय सिंह, अमित सक्सेना, अनूप त्रिवेदी, महेन्द्र नारायण सिंह, राहुल अग्रवाल, संजीव सिंह और कार्तिकेय सरन शामिल हैं। इन सभी अधिवक्ताओं का कानूनी क्षेत्र में व्यापक अनुभव रहा है और वे पहले भी विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

लखनऊ खंडपीठ के लिए पांच अधिवक्ता

दूसरी ओर, लखनऊ खंडपीठ के लिए जिन पांच अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है, उनमें अनुज कुदेसिया, सुदीप कुमार और प्रितीश कुमार जैसे नाम प्रमुख हैं। इनके अलावा दो अन्य अधिवक्ताओं को भी इस खंडपीठ में सेवा देने के लिए नामित किया गया है, जिनके नाम भी जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे।

सरकार की ओर से नियुक्त ये सभी अपर महाधिवक्ता राज्य सरकार के हितों की रक्षा करते हुए अदालतों में प्रभावशाली रूप से पक्ष रखेंगे। यह नियुक्तियां न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सशक्त बनाएंगी, बल्कि न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच समन्वय को भी बेहतर करेंगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहले भी न्यायिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं, और यह फैसला उसी क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि राज्य सरकार न्यायिक मामलों में पारदर्शिता और दक्षता को प्राथमिकता दे रही है।