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आखिर कौन हैं वो इंस्पेक्‍टर जिसकी वजह से अतीक को हुई सजा, न लालच में आए और न धमकी से डरे

अतीक अहमद अपना नाम निकालनेे के लिए पहले बंगला और गाड़ी दिलाने का लालच दिया। जब दरोगा ने नाम नहीं निकाला तो जान से मारने की धमकी दी। आज हम आपको बताएंगे उस बहादुर और ईमानदार इंस्पेक्टर की कहानी।

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साल 2007 में उमेश पाल के अपहरण के मुकदमे की जांच दरोगा केके मिश्र और गैंगस्टर मामले की दरोगा एनएस परिहार ने की थी। मीडिया को बातचीत में विवेचक केके मिश्रा और एनएस परिहार ने बताया, “मुकदमे की जांच के दौरान हमें जान से मारने की धमकी दी गई। गाड़ी और बंगला दिलाने का लालच भी दिया गया।”

दरोगा एनएस परिहार ने बताया, “धमकी पर हमने कोर्ट में एक अर्जी दी थी कि अगर सड़क हादसे में भी हमारी मौत हुई तो उसका जिम्मेदार अतीक होगा।”

रिटायर्ड हो चुके अतीक के मुकदमों की जांच करने वाले दरोगा
इंस्पेक्‍टर एनएस परिहार ने अतीक अहमद के खिलाफ पांच मुकदमों की जांच की थी। अब वे रिटायर्ड हो चुके हैं। उन्होंने बताया, “साल 2007 में उमेश पाल को अपहरण करने का मुकदमा दर्ज हुआ तो उसकी जांच दरोगा कृष्ण कुमार मिश्र को मिली। FIR में ही पूरी कहानी बयां थी।

जब इस केस की जांच शुरू हुई तो उस वक्त अतीक अहमद फरार था। उसकी गिरफ्तारी के बाद वह अतीक का बयान लेने जेल में पहुंचे। अतीक ने कहा कि जो तुम्हारे अधिकारी ने कहा है, उसे मेरे बयान में दर्ज कर लो। सत्ता बदलते ही सरकार यह मुकदमा वापस ले लेगी।”

दरोगा केके मिश्र गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा किया था
दरोगा केके मिश्र ने अतीक पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसकी जांच नारायण सिंह परिहार को मिली। पुलिस गैंगस्टर एक्ट में प्रॉपर्टी कुर्क करने लगी। इसमें अतीक अहमद के उन करीबियों का नाम भी सामने आया जो पर्दे के पीछे थे। लगातार कार्रवाई करने पर अतीक अहमद के करीबियों ने मुझे धमकी देनी शुरू कर दी।

एनएस परिहार ने बताया, “मुझे रेप केस में फंसाने की धमकी मिलने लगी। अतीक अहमद से बचने के लिए हमने सादे पेपर पर अपने हाथ लिखा था कि हमारी मौत होगी तो उसका जिम्मेदार अतीक अहमद होगा। उसकी एक कॉपी अपने पास में और दूसरी अपनी अटैची में रखी थी।”

कुत्ते को गोली मारने का लगाया था आरोप
अतीक अहमद को पहले मुकदमे में सजा दिलाने वाले इंस्पेक्टर केके मिश्रा हैं। इन्हीं की जांच रिपोर्ट और विवेचना में अतीक अहमद को सजा मिली है।

केके मिश्रा ने मीडिया को फोन पर बताया, “अतीक अहमद चारो तरफ से घिरने लगा तो हमें फंसाने के लिए साजिश किया। एक दिन अतीक अहमद का कुत्ता बीमारी से मर गया। कुत्ते की मौत के बाद अतीक अहमद ने उसको गोली मरवा दी। कोर्ट में केस किया कि विवेचक केके मिश्रा ने उसके घर में दबिश दी थी और उसके कुत्ते को गोली मारकर हत्या कर दी।

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