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जानिए इलाहाबाद के ‘प्रयागराज’ होने के बाद कहां—कहां बदलेगा नाम

राज्य सरकार से बदलाव की अधिसूचना जारी होने के बाद अरबों के खर्च से होगा बदलाव, बड़ा सवाल क्या विवि और हाईकोर्ट का नाम बदलेगा

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इलाहाबाद:इलाहाबाद जिले का नाम इलाहाबाद से बदलकर प्रयागराज करने के बाद अब तमाम सरकारी और निजी कागजातों में बदलाव होगा। यह बदलाव जन्म प्रमाण पत्र से लेकर पासपोर्ट तक में होगा। वोटर आईडी, पासपोर्ट, आधार, राशन कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी कागजातों में जिले का नाम बदल जाएगा। इन सभी पहचान पत्रों में इलाहाबाद की जगह प्रयागराज लिखा जाएगा। यह बदलाव करना भी बड़ी चुनौती होगा।

जानकारी के मुताबिक 2018-19 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में भी मार्कशीट में इलाहाबाद की जगह प्रयागराज लिखा हुआ होगा। जिले के नाम प्रयागराज होने के बाद बाकी के बदलाव की प्रक्रिया प्रदेश सरकार तय करेगी। नाम परिवर्तन के बाद पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड नए सिरे से जारी हो सकते हैं।

अधिसूचना के बाद अरबों का खर्च
हिंदी के बड़े आलोचक प्रो राजेंद्र कुमार कहते हैं कि प्रयागराज बनाने में सिर्फ अधिसूचना जारी करना ही नहीं है। इसे मूर्त रूप देने में सरकारी खजाने से अरबों रुपए खर्च होंगे। नाम परिवर्तन के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार को भारी-भरकम खर्च उठाना पड़ेगा। इलाहाबाद के इतिहास को संजोने की जरूरत होगी।

इन विभागों का बदलेगा नाम
नाम के परिवर्तन के बाद बैंक, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश पुलिस, वायुसेना, सीडीए पेंशन, स्टॉक एक्सचेंज, आयकर विभाग, सेंट्रल एक्साइज, कलेक्ट्रेट, नगर निगम, एडीए, जलकल, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में इलाहाबाद प्रयागराज के नाम से दर्ज होगा।

क्या विवि और हाईकोर्ट का नाम बदलेगा
जिले का नाम बदलने के बाद इस बात की भी चर्चा शुरू हो गई है कि अब किन कार्यालयों और दफ्तरों के नाम बदले जाएंगे। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इलाहाबाद विश्वविद्यालय और हाईकोर्ट का नाम बदला जाएगा। क्या हाईकोर्ट को भी प्रयागराज हाईकोर्ट कहेंगे। हालांकि बम्बई का नाम बदलकर मुंबई करने के बाद भी वहां हाईकोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट के नाम से जाना जाता है। वहीं, आईआईटी भी बॉम्बे के नाम पर है। ऐसा ही मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का भी है। कलकत्ता का नाम कोलकाता होने के बावजूद हाईकोर्ट को पुराने नाम कलकत्ता हाईकोर्ट के नाम से जानते हैं