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कुम्भ के पहले NCR में आ सकते हैं इलाहाबाद के ये स्टेशन

इन स्टेशनों को नॉर्थ सेंट्रल रेलवे में शामिल करने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है

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Allahabad Railway Station

इलाहाबाद रेलवे स्टेशन

इलाहाबाद. इलाहाबाद के सभी रेलवे स्टेशनों को रेल मंत्रालय उत्तर-मध्य रेलवे (NCR) North Central Railway के अधीन लाने का मन बना रही है। रेल मंत्रालय में मंगलवार को होने वाली बैठक में इस संबंध में निर्णय होने की संभावना है। यह योजना जनवरी 2019 में आयोजित होने वाले कुम्भ से पहले किये जाने की सम्भावना है। इसमें शहर के अन्तर्गत आने प्रयाग जक्शन, प्रयाग घाट और इलाहाबाद सिटी स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों को नॉर्थ सेंट्रल रेलवे में शामिल करने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इस बात की जानकारी डीआरएम इलाहाबाद मण्डल संजय कुमार पंकज ने दी है। उन्होंने कहा है कि रेल मंत्रायल की मंजूरी मिलने के बाद इन स्टेशनों को इलाहाबाद मण्डल में शामिल कर लिया जाएगा।

कहा है कि इन स्टेशनों को इलाहाबाद मंडल में शामिल करने को लेकर रेल मंत्रालय का भी मन है और इस पर जल्द ही फैसला भी आ सकता है। तीनों स्टेशनों के इलाहाबाद मंडल में शामिल करने से माघ मेला, अर्ध कुम्भ और कुम्भ जैसे बड़े आयोजनों में रेल यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने में काफी सहुलियत होगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन औऱ राज्य सरकार को भी तीन अलग-अलग रेलवे जोन से भी समन्वय नहीं स्थापित करना पड़ेगा।

रेलवे प्रशासन ने अ‌र्द्ध कुंभ को लेकर शुरू की तैयारी

कुंभ को लेकर रेलवे प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए इलाहाबाद के आसपास के छह प्रमुख सेटेलाइट स्टेशनों-सूबेदार गंज, प्रयाग, इलाहाबाद सिटी, नैनी, छ्योकी तथा झूंसी स्टेशन की सूरत बदलने की कवायद चालू हो गई है। इस पर 45 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। यह कार्य मुख्य रूप से उत्तर-मध्य रेलवे द्वारा किया जाएगा।

भीड़ से होता है हादसा

कई जोनों के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण अर्ध कुंभ व कुंभ के दौरान ट्रेनों के संचालन व भीड़ प्रबंधन में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2012 में हुए कुंभ के दौरान कुप्रबंध के चलते भगदड़ में 42 यात्रियों/श्रद्धालुओं को जान से हाथ धोना पड़ा था जबकि कम से कम 45 लोग घायल हो गए थे। जनवरी-मार्च, 2019 के दौरान यहां होने वाले कुंभ में ऐसी कोई स्थिति पैदा न हो इसके लिए सभी स्टेशनों को एक जोन के अधीन लाने की संभावनाएं टटोली जा रही हैं।