परिषदीय स्कूलों में 72825 शिक्षकों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर लटक सकता है। हाईकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 में वाइटनर का प्रयोग कर अधिक नम्बर हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश से कई अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि बड़ी संख्या में शिक्षक पात्रता परीक्षा में वाइटनर लगा कर कुछ लोगों को अधिक नम्बर दिए गए हैं। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने टीईटी 2011 की परीक्षा में वाइटनर का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों की जांच करने का माध्यमिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने छह माह में ये रिपोर्ट सौंपने को कहा है कि कितने अभ्यर्थियों ने वाइटनर का प्रयोग किया। कोर्ट ने वाइटनर का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियांे के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
याचिका में मांग की गई है कि जिन अभ्यर्थियों ने वाइटनर का प्रयोग किया है, उनका चयन न किया जाए। साथ ही यह भी कोर्ट को अवगत कराया गया है कि हजारों अभ्यर्थियों ने वाइटनर का प्रयोग करके अधिक नंबर हासिल किए और शिक्षक बने।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिंपल वर्मा ने इस मामले की पूरी रिपोर्ट सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से तलब की है। माना जा रहा है हाईकोर्ट के निर्देशों पर विधिक राय लेने के बाद ही विभाग मौलिक नियुक्ति में तेजी दिखाएगा और निर्देशों के अनुरूप ही अगला निर्णय लेगा।
11 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे टीईटी में
टीईटी 2011 की परीक्षा में करीब 11 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।। उनमें से करीब दो लाख अभ्यर्थियों ने वाइटनर का प्रयोग किया था। यह बात पुलिस की जांच में सामने आ चुकी है।
इस संबंध में जब प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिंपल वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। प्रमुख सचिव ने सचिव बेसिक शिक्षा से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि अभी कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। इस पर प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जल्द ही उन्हें भेजी जाए।