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जाट आरक्षण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई

जाट आरक्षण का डेटा तैयार कर निर्णय न लेने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से तलब की जानकारी।
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प्रयागराज

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Mohd Rafatuddin Faridi

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Updated: 19 Apr 2018, 1:45 PM IST

Jat Reservation

जाट आरक्षण

इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने मुख्य सचिव राजीव कुमार के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर जाट आरक्षण जारी रखने के संबंध में जानकारी मांगी है। मुख्य सचिव पर जाट आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम सिंह केस में रद्द किये जाने के बाद डाटा इकट्ठा कर आठ हफ्ते में निर्णय लेने के आदेश की अवहेलना करने का आरोप है। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई की अगली तारीख 04 मई नियत की है।


यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने बागपत के मनवीर की अवमानना याचिका पर दिया है याचिका पर अधिवक्ता अरविन्द कुमार मिश्र ने बहस की। याची की याचिका को निस्तारित करते हुए कोर्ट ने 17 मई 17 को मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट के रामसिंह केस के फैसले के प्रकाश में डाटा इकट्ठा कर जाटों को आरक्षण जारी रखने या न रखने पर निर्णय लेने का आदेश दिया।

जिसका पालन मुख्य सचिव द्वारा नहीं किया गया। याची का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में जाटों को आरक्षण जारी रखना अवैध है। कोर्ट ने डाटा के जरिये यह पता लगाने को कहा कि क्या आरक्षण जारी रखा जा सकता है। सरकार ने डाटा इकट्ठा करने के लिए अभी तक कोई कमेटी गठित नहीं की है और कोर्ट आदेश की अवहेलना की जा रही है।
By Court Correspondence

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