इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की शिक्षा विशारद डिग्री को वैध डिग्री न मानते हुए सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। याची अम्बेडकर प्राथमिक विद्यालय फिसवां बाजार कुशीनगर में सहायक अध्यापक नियुक्त हुआ था, जिसे निरस्त कर दिया गया, तो यह याचिका दाखिल की गयी थी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कुशीनगर के विरूद्ध दाखिल इन्दू देवी की याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एस.पी केशरवानी ने कहा कि वैध डिग्री के बगैर कोई भी सहायक अध्यापक नियुक्त नहीं हो सकता। डिग्री को एन.सी.टी.ई से मान्यता मिली हो।
कोर्ट ने कहा है कि हिन्दी साहित्य सम्मेलन एक पंजीकृत सोसायटी है। यह न तो विश्वविद्यालय या डीम्ड विश्वविद्यालय है, न ही शिक्षा परिषद है। इसका कोई शिक्षण संस्थान नहीं है और न ही यह शिक्षण कार्य करती है। न इसका कोई स्कूल है और न ही यह किसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। इसकी डिग्रियों को 1967 के बाद मान्यता नहीं दी गयी है। इसलिए इसके द्वारा जारी शिक्षा विशारद डिग्री मान्य नहीं है।
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