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भेल कंपनी को वायदे के तहत मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति विचार करने का निर्देश

कोर्ट ने कहा है कि बी.एच.ई.एल. ने याची की आश्रित कोटे की नियुक्ति की मांग को प्रतीक्षा सूची में यह कहते हुए डाल दिया कि पद खाली नहीं है।

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भेल

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत इलेक्ट्रिक लि.कंपनी शाहिबाबाद, गाजियाबाद को तीन माह में याची की मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति पर वायदे के अनुसार विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बी.एच.ई.एल. ने याची की आश्रित कोटे की नियुक्ति की मांग को प्रतीक्षा सूची में यह कहते हुए डाल दिया कि पद खाली नहीं है। खाली होने पर विचार किया जायेगा। अब कंपनी वायदे से मुकर रही है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने प्रवीण कुमार की याचिका पर दिया है। याची के पिता ओमपाल सिंह कंपनी में हेल्पर थे। 26 सितम्बर 1995 को लापता हो गए।

वर्षों तक तलाश के बाद पता नहीं चला तो याची की मां ने कोर्ट में उनकी सिविल मौत घोषित करने का वाद दायर किया। सिविल कोर्ट ने 8 अप्रैल 2003 को याची के पिता की सिविल मृत्यु की घोषणा की डिक्री दी। इसके बाद याची की मां ने मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति की अर्जी दी। कोर्ट में कंपनी ने कहा कि आश्रित कोटे में नियुक्ति का कोई नियम नहीं है। केन्द्र सरकार की कंपनी होने के नाते सभी पद सीधी भर्ती से भरे जाते हैं। मां की मौत के बाद याची ने मांग की तो विभाग ने आश्वासन दिया कि पद खाली होने पर विचार करेंगे। याची का कहना था कि इस दौरान कई लोगों की आश्रित कोटे में नियुक्ति की गयी है। विचार करने के बाद वायदे के बावजूद उसकी नियुक्ति नहीं की जा रही है।

By Court Correspondence