
घर बनाने वालों को झटका
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने आज एक महत्वपूर्ण आदेश पारित कर प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को नक्शा पास कराने गये जमीन मालिकों से अन्य चार्जों के साथ सब डिविजन चार्ज वसूली की फिलहाल छूट दे दी। कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगी है। ऐसे में सब डिविजन चार्ज की वसूली पर हाईकोर्ट से रोक लगाना ठीक नहीं है। आदेश पारित कर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट से सब डिविजन चार्ज वसूली का मामला भूमि मालिकों के हक में हो जाता है और कोर्ट यह तय कर देती है कि प्राधिकरणों को सब डिविजन चार्ज वसूली का अधिकार नहीं है, तो ऐसी दशा में जमीन मालिकों को उसका जमा पैसा प्राधिकरण छह प्रतिशत साधारण ब्याज की दर से देगा।
यह आदेश चीफ जस्टिस डी.बी. भोसले व जस्टिस सुनीत कुमार की खंडपीठ ने सब डिविजन चार्ज वसूली के खिलाफ दायर कई दर्जन याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है। मामले के अनुसार हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक फैसला भू स्वामियों के हक में देते हुए कहा था कि प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को नक्शा पास कराने के समय मालिकों से सब डिविजन चार्ज वसूली का अधिकार नहीं है। कोर्ट का कहना था कि इस प्रकार का चार्ज लेने का कोई नियम नहीं है। हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ प्राधिकरणों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है।
By Court Correspondence
Published on:
08 May 2018 10:56 pm
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