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चिल्ड्रेन अस्पताल की दुर्दशा पर इलाहाबाद हाईकोर्ट खफा, प्रमुख सचिव से मांगा हलफनामा

कोर्ट ने कहा हलफनामे से संतुष्ट न होने पर सभी अधिकारी रहेंगे हाजिर

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विधि छात्रों की जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया आदेश

विधि छात्रों की जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया आदेश

इलाहाबाद. विधि छात्रों की जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरोजिनी नायडू चिल्ड्रेन अस्पताल की दुर्दशा पर आज नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि वहां बीमार बच्चो के बेड व उनके इलाज के लिए जरूरी उपकरणों की कमी है। वहां गंदगी का अंबार रहता है और जानवर टहलते रहते है। बेड की कमी है और रोगी बच्चो की संख्या अधिक है।

विधि छात्रों ने जनहित याचिका में रोगी बच्चो व तीमारदारों को आए दिन अस्पताल में आ रही परेशानियों को उजागर किया तथा इस पर कोर्ट का ध्यान आकृष्ट कर समुचित आदेश निर्गत करने की मांग की गयी है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पंकज मित्तल व न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी ने विधि छात्रा श्रिया राजे व कई अन्य की याचिका पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा, प्रधानाचार्य मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज इलाहाबाद, व सीएमओ से सभी का हलफनामा मांगा है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अधिकारियो के हलफनामे से कोर्ट संन्तुष्ट नहीं होगी तो वह सभी अधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश देगी। जनहित याचिका पर अदालत ने जुलाई में पुनः सुनवाई करने का आदेश दिया है।