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HC NEWS: सुपारी व सिंघाड़ा की खरीद-फरोख्त पर सेस वसूली पर मांगा जवाब

याची से टैक्स वसूली की कार्यवाही पर लगाई रोक

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allahabad highcourt

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इलाहाबाद. सुपारी व सिंघाड़ा की खरीद फरोख्त पर विकास सेस की वसूली के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने याची मेसर्स आशीर्वाद ट्रेडर्स को दो लाख रूपये जमा करने को कहा है और कंपनी के खिलाफ टैक्स वसूली की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी तथा न्यायमूर्ति अशोक कुमार की खण्डपीठ ने दिया है। याची का कहना था कि 17 जून 15 की अधिसूचना के तहत मंडी परिषद ने कृषि उत्पाद के दोनों आइटम सुपारी व सिंघाड़ा को मार्केट शुल्क से छूट दे रखी है। ऐसे में उससे विकास सेस की वसूली नहीं की जा सकती। विपक्षी अधिवक्ता का कहना था कि मंडी में कुछ कृषि उत्पादों की बिक्री पर विकास शुल्क लगता है। यह शुल्क मार्केट शुल्क पर नहीं लगता। यदि खरीद-फरोख्त हुई है तो विकास शुल्क देना होगा। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और छह हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने याची को दो हफ्ते में दो लाख रूपये कृषि मंडी परिषद के सचिव के समक्ष जमा करने का आदेश दिया है और वसूली की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

नोएडा भूमि घोटाले के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा भूमि आवंटन घोटाले के आरोपी नोएडा में मेसर्स तृप्ती कंस्ट्रक्शन कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक विनोद कुमार गोयल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है किन्तु नोएडा अथारिटी के तीन जूनियर इंजीनियरों राजेश कुमार शर्मा, राम दत्त शर्मा व सुशील कुमार अग्रवाल की जमानत मंजूर कर ली है। अन्य कोई केस न होने पर रिहाई का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा तथा न्यायमूर्ति डी के सिंह की खण्डपीठ ने दिया है। यादव सिंह व अन्य घोटाले के आरोपियों के खिलाफ सी बी आई जांच चल रही है। सीबीआई अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश का कहना था कि मार्च माह से ही कार्य शुरू कर दिया गया और अक्टूबर में काम पूरा हो गया। इसके बाद नवम्बर में टेंडर पास कर अधिक रेट लगा कर भुगतान कर दिया गया। जूनियर इंजीनियरों ने गलत रिपोर्ट दाखिल की और अनुचित लाभ पहुंचाया। कोर्ट ने जूनियर इंजीनियरों को जमानत मंजूर कर ली किन्तु कम्पनी के प्रबन्ध निदेशक की अर्जी खारिज कर दी है।

By: Highcourt Correspondent